जमशेदपुर : टाटा मोटर्स की पहले की अधीकृत यूनियन टेल्को वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष आकाश दुबे एवं सदस्य हर्षवर्धन ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि 2023 में फर्जी यूनियन यानी टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन द्वारा आयोजित 4 फरवरी का आमसभा पूरा ढकोसला है. इसमें कर्मचारियों का एक भी अहम मुद्दा को नहीं शामिल किया गया है. यूनियन वैसे तो कर्मचारियों को इस आमसभा में अपनी बात उठाने का कोई अनुमति नहीं देती है, फिर भी अध्यक्ष महामंत्री को यह बताना चाहिए कि कोरोनावायरस नाम पर बंद किया गया. गेट आज तक क्यों नहीं खुला है, क्यों मजदूरों को 8 घंटा के स्थान पर 8:30 घंटा कार्यस्थलत पर रहने को मजबूर किया जा रहा है जबकि पूरी तरह से या गैरकानूनी है.(नीचे भी पढ़े)
अध्यक्ष महामंत्री को यह भी बताना चाहिए कि क्यों 3 साल के स्थान पर 4 साल का वेतन समझौता कर प्रत्येक मजदूरों को लाखों का नुकसान करवाया एवं बढ़ोतरी में एक बार में ना कर के टुकड़े टुकड़े में किया गया. कौन सा प्रलोभन या दबाव उन पर था. उन्होंने इस प्रकार का काम किया या भी बताना चाहिए कि लिव-इन कैचमेंट के दिनों 240 से 180 दिन क्यों किया गया. अभी हाल ही में कई डिपार्टमेंट की तरह ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को भी अपलोड कर दिया गया. क्यों मजदूरों की संख्या में लगातार घटाने की दिशा में या यूनियन काम कर रही है इसके एवज में इन्हें क्या लाभ प्राप्त हो रहा है या मजदूरों को जानने का पूरा हक है. हमें पता है कि अध्यक्ष महामंत्री इनमें से किसी भी सवाल का जवाब नहीं देने वाले हैं इसलिए आमसभा पूर्णता ढकोसला है.



