जमशेदपुर : 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा को शादी की नीयत से बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए जाने के आरोपी सुमन प्रधान को जमशेदपुर कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए 25 साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई हैं. साथ ही 30 हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया हैं. जुर्माना नहीं देने पर तीन साल के लिए अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतने का आदेश दिया हैं. इस मामले की सुनवाई जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे -1 सह स्पेशल जज पोस्को संजय कुमार उपाध्याय की अदालत कर रही हैं. अपर लोक अभियोजक राजीव कुमार ने बताया की मामले में कुल 8 लोगों की गवाही हुई हैं। और अदालत ने आरोपी सुमन को पोस्को की धारा 4(2) के तहत सजा सुनाई हैं. (नीचे भी पढ़े)
घटना 9 दिसंबर 2021 की :घटना के दिन छात्रा घर से स्कूल के लिए निकली थी लेकिन वह घर नहीं लौटी. परिवार के लोग खोजबीन की पर नहीं मिली. बाद में पता चला कि पड़ोस के रहने वाला सुमन प्रधान ने उसे बहला-फुसलाकर शादी की नीयत से भगाकर ले गया हैं. इससे पूर्व भी नाबालिग को भगाकर ले गया था। नाबालिग ने अदालत को बताया था कि आरोपी मोटरसाइकिल पर बैठाकर पश्चिम बंगाल के बैचा जिला झांड़ग्राम अपने मौसी के घर लेकर गया था. जहां से पुलिस ने दोनों को बरामद किया था. तब जाकर मामला बहरागोड़ा थाने तक पहुंची थी. पहले अपहरण का मामला दर्ज किया गया था. बाद में दुष्कर्म और अपहरण का मामला दर्ज कर पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.



