जमशेदपुर: जमशेदपुर के कदमा स्थित केरला पब्लिक स्कूल में लेट्स मेक अ डिफरेंस यूथ कांफ्रेंस के 26वें संस्करण का शुभारंभ हुआ. इसमें देश भर के विभिन्न स्कूलों से आए करीब 300 बच्चों ने हिस्सा लिया. कॉन्फ्रेंस के निदेशक वायरल मजूमदार (वायरल भाई) ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और उन्हें लेट्स मेक ए डिफरेंस, के उद्देश्य और मूल विचारों से परिचित कराया. उन्होंने विद्यार्थियों को ‘शांत समय’के महत्व के बारे में बताया और सभी को कुछ समय शांत वातावरण में स्वयं के साथ बिताने के लिए प्रेरित किया.नाश्ते के बाद सभी प्रतिभागी अपने-अपने फैमिली ग्रुप्स में शामिल हुए. यह उनका पहला ग्रुप अनुभव था, जिसमें सभी ने अपना परिचय दिया और सम्मेलन से जुड़ी अपनी अपेक्षाएं साझा कीं.इसके बाद “मूल्यों पर बातचीत” नाम से एक बेहद रोचक और संवादात्मक सत्र हुआ.वायरल भाई ने लेट्स मेक ए डिफरेंस के चार मूल्यों ईमानदारी, पवित्रता, निःस्वार्थता और प्रेम के बारे में विस्तार से चर्चा की. कुछ स्वयंसेवकों ने भी इन चार मूल्यों से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभव और जीवन की कहानियां विद्यार्थियों के साथ साझा कीं.(नीचे भी पढ़े)

दोपहर के भोजन के बाद सभी आठ फैमिली ग्रुप्स में लंबे और आत्मीय संवाद हुए. विद्यार्थियों ने चार मूल्यों पर अपने विचार, अनुभव और व्यक्तिगत भावनाएं साझा कीं. इन चर्चाओं ने प्रतिभागियों को स्वयं को बेहतर समझने और जीवन में इन मूल्यों के महत्व पर विचार करने का अवसर दिया.इसके बाद वायरल मजूमदार ने एकाग्रता पर एक रोचक और व्यावहारिक सत्र लिया. उन्होंने बताया कि एकाग्रता केवल पढ़ाई के लिए ही नहीं, बल्कि खेल, करियर, काम और व्यक्तिगत रिश्तों सहित जीवन के हर क्षेत्र में जरूरी है. उन्होंने एकाग्रता को बढ़ाने के लिए कई व्यावहारिक तरीके और उपयोगी विचार भी साझा किए.इस सम्मेलन को सफल बनाने में देश के विभिन्न हिस्सों से आए और स्थानीय समन्वयकों राजीव अग्रवाल, श्रद्धा अग्रवाल, भीषम, सोनू, विजय राणे और भार्गवी का महत्वपूर्ण योगदान रहा. स्थानीय टीम में संगीता सरकार, सुमन, सायोक, कौशिक, निशांत, पी विद्या, बिद्याश्री, आर्यन, जीत, शिवांगी, , बिपाशा, माहिका, हुज़ैफ़ा, शीतल,दानिश, सोमया, प्रभजोत, सोनाक्षी और अपराजिता ने भी पूरे समर्पण के साथ सहयोग किया.इन प्रेरणादायक और आत्ममंथन से भरे सत्रों के साथ 26वें जमशेदपुर यूथ कॉन्फ्रेंस के पहले दिन का समापन हुआ. दिनभर की गतिविधियों ने विद्यार्थियों को स्वयं को समझने, जीवन के मूल्यों पर विचार करने और अपने भीतर सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक नई सोच दी.





