रांची: विधानसभा में 4546 करोड़ 27 लाख का तृतीय अनुपूरक बजट सदन में पेश किया गया. वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए आखिरी अनुपूरक बजट सदन में रखा. इसके साथ ही सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. विधानसभा में जारी बजट सत्र में आवारा कुत्तों का मामला गूंजा. विधायक बिरंचि नारायण से इससे संबंधित सवाल अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से लाया. उन्होंने कहा कि देश में हर वर्ष 20 हजार से ज्यादा मौतें आवारा कुत्तों के काटने से होती है. झारखंड में भी औसतन 50 लोगों की मौत हो रही है, लेकिन रांची को छोड़कर किसी भी जिले में डॉग स्क्वायड का गठन नहीं हुआ है. उन्होंने सरकार से राज्य के सभी जिलों में डॉग स्क्वायड के गठन की मांग की. विधायक बिनोद सिंह ने कहा कि झारखंड में आवारा कुत्ते के काटने से हुई मौत पर कोई मुआवजा पालिसी नहीं है. जबकि अन्य राज्यों में मुआवजा पालिसी है.(नीचे भी पढ़े)

बजट सत्र के दौरान ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से पोडैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने समान काम के लिए समान वेतन का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य में एक ही काम के लिए 3 तरह का वेतन दिया जा रहा है. स्थायी कर्मी को लाखों वेतन मिल रहा है वहीं अस्थायी कर्मी को बहुत कम वेतन दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आलम यह है कि 8 हजार की नौकरी के लिए 35 हजार की घूस ली जा रही है वो भी ऑनलाइन, यह दुर्भाग्यपूर्ण है. आउटसोर्सिंग दोहन का जरिया है. अस्थायी नियुक्ति को सरकार अवैध मानती है तो इस काम पर लगे लोगों पर सरकार रोक क्यों नहीं लगाती. उन्होंने कहा कि हरित फाउंडेशन ने घूस लेकर अस्थायी नियुक्ति कराई और मानदेय भी नहीं दे रहा है. .(नीचे भी पढ़े)

उन्होंने कहा कि यह सर्वोच्च न्यायालय के समान काम के बदले समान वेतन के निर्णय का उल्लंघन है. सरकार इसपर अविलंब रोक लगाए. साथ ही विधायक प्रदीप यादव ने तालाब अतिक्रमण का मामला उठाया.इसका जवाब मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने किया. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी तालाब अतिक्रमण मुक्त होंगे. इसे लेकर सरकार एक सर्वे भी कराएगी. जल संचयन के लिए यह बेहद ही जरूरी है. यह बातें मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कही. उन्होंने कहा कि रांची के तकरीबन 62 तालाबों को चिन्हित किया गया है. राज्य भर में ऐसे ही जांच कर सभी अतिक्रमण युक्त तालाबों को चिन्हित कर उन्हें अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा..(नीचे भी पढ़े)

लंबित आवास निर्माण कार्य जल्द होंगे पूरे: प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत बेघर लोगों को घर देने का काम हो रहा है. 1 लाख 68 हजार 914 मामले लंबित हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जाएगा. यह बातें ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कही. उन्होंने कहा कि कई जगह इसलिए भी लंबित हैं क्योंकि लाभुकों के द्वारा राशि निकालकर भी काम पूरा नहीं कराया गया है. सबकी मॉनिटरिंग हो रही है. विधायक अम्बा प्रसाद ने पूछा था कि क्या राज्य सरकार के पास लंबित आवासों को पूरा कराने के लिए और नए आवास बनाने को लेकर कोई योजना है. क्योंकि 1 लाख 50 हजार से ज्यादा आवास निर्माण का कार्य लंबित है.





