
रांची : झारखंड राज्य के 236 मोबाइल वेटनरी एम्बुलेंस के संचालन हेतु केंद्र सरकार जल्द से जल्द केंद्रांश निर्गत करे, ताकि लोगों को इसका लाभ मिले. वहीं राज्य में बंद पड़ी बेकन फैक्ट्री के जिर्णोद्धार हेतु परामर्श एवं डीपीआर बनाने में भी केंद्र सरकार हमारी मदद करे. झारखंड राज्य के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने नयी दिल्ली स्थित कृषि भवन में केंद्रीय एवं केंद्र प्रायोजित योजनाओं के संबंध में भारत सरकार की पशुपालन एवं डेयरी विभाग की सचिव से बातचीत करते हुए कही. उन्होंने झारखंड राज्य में कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के बारे जानकारी देते हुए केंद्र सरकार से मांग की है. वह भारत सरकार की पशुपालन एवं डेयरी विभाग की सचिव अलका उपाध्याय के साथ झारखंड राज्य में चल रही योजनाओं पर चर्चा कर रहे थे. (नीचे भी पढ़ें)

श्री बादल ने राष्ट्रीय पशुधन विकास योजना में भी भारत सरकार से केंद्रांश निर्गत करने हेतु अनुरोध किया. विभागीय सचिव अबु बकर सिद्दीकी ने राज्य में एक 24 घंटे सातों दिन मोड पर एक स्टेट मॉडल पशु चिकित्सालय बनाने अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि क्रेडिट गारंटी स्किम में नाबार्ड के माध्यम से युवाओं को लोन मिल सकेगा और उन्हें अपने खड़ा होने में मददगार साबित होगा. बैठक में निदेशक कृषि चंदन कुमार, विभागीय पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार तिवारी, उप निदेशक गव्य एवं प्रदीप कुमार सहित मत्स्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे. (नीचे भी पढ़ें)

झारखंड के कृषि मंत्री बादल दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं कल्याण सचिव से मिले, सूखा राहत के लिये 9682 करोड़ की मांगी राशि
झारखंड सरकार के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख अपने विभागीय सचिव अबू बकर सिद्दीक के साथ नयी दिल्ली के कृषि भवन में कृषि एवं कल्याण सचिव मनोज आहूजा के साथ मुलाकात की. मुलाकात के दौरान कृषि मंत्री ने भारत सरकार के कृषि सचिव से कहा कि वर्ष 2022 खरीफ मौसम में कम वर्षा एवं अत्यल्प फसल आच्छादन के कारण राज्य के 22 जिलों के 226 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था, जिसके लिए राज्य सरकार ने गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से 9682.69 करोड़ों रुपए की सहायता राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध केंद्र सरकार से किया है. कृषि मंत्री ने आग्रह किया कि इसे लेकर आपदा विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए यह राशि राज्य के किसानों को दिया जाए, तो सूखा का दंश झेल रहे किसानों के लिए बड़ी राहत होगी. कृषि मंत्री ने भारत सरकार के सचिव से कहा कि राज्य सरकार ने अपनी तरफ से पंजीकृत प्रति किसानों को 3500 रुपए दिए हैं. भारत सरकार के सचिव ने कहा कि इसे लेकर आपदा विभाग के सचिव से वे खुद बात करेंगे. श्री बादल ने भारत सरकार के सचिव मनोज आहूजा से मुलाकात करने के बाद बताया कि राज्य के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई बिन्दुओं पर बात हुई है. (नीचे भी पढ़ें)
राज्य में सॉयल टेस्टिंग लैब की स्थापना, आत्मा के लिये रिवॉल्विंग फंड एवं प्रोत्साहन बढ़ोतरी सहित सभी बिन्दुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई है. फसल बीमा योजना से जुड़े तकनीकी पहलु को लेकर भी उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया है. वहीं विभागीय सचिव अबू बकर सिद्दीकी की मांग पर भारत सरकार के सचिव ने तुरंत अपने विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि झारखंड से इस बार हनी मिशन को लेकर प्रोजेक्ट आए, तो उन्हें जल्द से जल्द अप्रूव कर राशि निर्गत की जाए. भारत सरकार के सचिव मनोज आहूजा ने कहा है कि मिट्टी जांच के लिए वह 500 हाई स्कूलों को चिह्नित करें. भारत सरकार सॉयल टेस्टिंग लैब की व्यवस्था कराएगी। छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे अपनी तथा दूसरे किसानों की जमीन की मिट्टी लाकर लैब में जांच कर किसानों को बता सकेंगे कि उस जगह की मिट्टी कैसी है और वहां कौन से अनाज उपजाए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह एक अच्छा प्रयोग होगा और आप इसके लिये हमें प्रोजेक्ट तैयार कर भेजें. भारत सरकार के सचिव ने कहा कि भारत सरकार ने सीड ट्रेकिंग के लिए पोर्टल की व्यवस्था की है, इसे झारखंड में भी जल्द लागू किया जाए. जिससे बाजार में सही बीज का वितरण किया जा सके. इस दौरान भारत सरकार की संयुक्त सचिव कृषि एवं किसान विभाग श्री एस रुक्मणि एवं राज्य के कृषि निदेशक श्री चंदन कुमार भी मौजूद थे.




