चाकुलिया : विश्व हाथी दिवस के अवसर पर ओड़िशा के भुवनेश्वर में शनिवार को भारत सरकार की ओर से वन एवं पर्यावरण विभाग की देखरेख में स्टारिंग कमेटी की बैठक हुई. उक्त बैठक में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी चौबे उपस्थित थे. बैठक में पद्मश्री जमुना टूडू भी शामिल हुई. बैठक में जमुना टुडू ने सबसे पहले अंग वस्त्र देकर दोनों मंत्रियों को स्वागत किया. बैठक को संबोधित करते हुए जमुना टुडू ने कहा कि झारखंड राज्य के बहरागोड़ा विधानसभा में हाथियों का उपद्रव बहुत बढ़ गया हैं. (नीचे भी पढ़ें)
हाथियों के हमले से जान माल की क्षति हो रही है. साथ ही उन्होंने कहा कि वें चाहती है की जंगल के हाथी जंगल में ही रहे. इसके लिए सरकार को चाहिए जंगल के अंदर फलदार पौधें लगे ताकि हाथी का भोजन समय पर जंगल में ही मिले. जंगल में खाने की व्यवस्था नहीं रहने के कारण हाथी गांव की तरफ आ रहे हैं. जमुना टुडू ने भारत सरकार के मंत्रियों के सामने और एक मांग रखी कि हाथी के हमले से मृत व्यक्ति को परिजनों को 4 लाख मुआवजा राशि बढ़ाकर 10 लाख रूपए दी जाए. वहीं घायल होने पर, घर तोड़ने और फसल बर्बाद करने पर 7 दिन के अंदर मुआवजा राशि देने की सरकार व्यवस्था करें. उक्त बैठक में सभी राज्यों के प्रतिनिधि ने भाग लिया. कार्यक्रम में संभुनाथ मल्लिक, राजीव महापात्र, मानसिंह टुडू,काकोली मल्लिक समेत अन्य लोग उपस्थित थे.




