
जमशेदपुर : विधानसभा चुनाव से पहले जमशेदपुर में मालिकाना हक का जिन्न एक बार फिर से बाहर आ गया है. जहां कल सरकार के मंत्री सरयू राय ने मालिकाना हक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए बिना विवाद वाले जमीन पर 15 साल से रह रहे लोगों को मालिकाना हक दिए जाने की वकालत करते हुए लोगों से उपायुक्त के माध्यम से 15 साल से अधिक अवैध दखल कर रह रहे सरकारी योजनाओं का प्रमाण पत्र जमा कराकर वैद्य किए जाने की मांग करने को कहा है. वही 86 बस्तियों को मालिकाना हक दिए जाने को लेकर कांग्रेसी नेता योगेंद्र शर्मा उर्फ मुन्ना शर्मा द्वारा लगातार क्षेत्र के लोगों के साथ जनसंपर्क अभियान चलाकर सरकार और मुख्यमंत्री से जमशेदपुर के 86 बस्तियों को मालिकाना हक दिए जाने की मांग की जा रही है. वहीं मंत्री सरयू राय द्वारा कल सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर 15 वर्षों से कब्जा कर निवास कर रह रहे विवादरहित जमीन पर पर मालिकाना हक दिए जाने की वकालत की है. मंत्री के इस बयान पर मालिकाना हक की लड़ाई लड़ रहे कांग्रेसी नेता मुन्ना शर्मा ने मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि मंत्री और झारखंड सरकार पहले यह स्पष्ट करें कि जमशेदपुर के 86 बस्तियों सहित झारखंड के किस जमीन पर विवाद नहीं है. उन्होंने मंत्री के बयान को चुनाव पूर्व एक जुमला बताते हुए कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री पिछले 30 वर्षों से इन्हीं 86 बस्तियों के लोगों के साथ मालिकाना हक दिए जाने के नाम पर राजनीति करते हुए सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे और जब उन्हें मौका मिला तो मालिकाना हक के नाम पर पांच साल तक मौन धारण किए रहे. जबकि चुनाव से पहले मंत्री क्षेत्र के लोगों को एक बार फिर से मालिकाना हक के मुद्दे पर गुमराह करने में लगे हुए हैं. उन्होंने मंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता जागरूक हो चुकी है और अब वह किसी झांसे में नहीं पड़ने वाली.



