मेदिनीनगर (पलामू) :बेरोजगार संघर्ष मोर्चा के जिला कार्यालय में भारत रत्न आचार्य विनोबा भावे की जयंती मनाई गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने की. संचालन संजय कुमार ने किया. सर्वप्रथम विनोबा भावे की तस्वीर पर फूल माला चढ़ा कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई.इस मौके पर मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने कहा कि आचार्य विनोबा भावे अहिंसा के पुजारी थे. वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी, चिंतक, सामाजिक कार्यकर्ता तथा प्रसिद्ध गांधीवादी नेता थे. सर्वोदय आंदोलन एवं भूदान आंदोलन के प्रणेता के रूप में सुपरिचित विनोबा भावे ने सर्वोदय समाज की स्थापना की थी. इसका मुख्य उद्देश्य अहिंसा के तरीके से देश में सामाजिक परिवर्तन लाना था.(नीचे भी पढ़े)
इस कार्यक्रम में वे खुद पदयात्री बने. गांव-गांव में घूम कर भूदान करने की अपील की. विनोबा भावे ने चंबल के डाकुओं को आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया.विनोबा भावे को सामुदायिक नेतृत्व के लिए अंतराष्ट्रीय रमन मैग्सेसे पुरस्कार मिला था. 1983 में उन्हें मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया. विनोबा भावे को भारत का राष्ट्रीय अध्यापक और महात्मा गांधी का आध्यात्मिक उत्तराधिकारी समझा जाता है. मोर्चा अध्यक्ष ने उपस्थित लोगों से कहा कि विनोबा भावे के आदर्शों को अपनाने से ही देश का सर्वांगीण विकास एवं हिंसा मुक्त समाज का निर्माण हो सकता है. इस अवसर पर नागेंद्र राम, दिनेश कुमार, गौतम कुमार, कृष्णा राम, जयपाल मोची, रामनरेश महतो, शिवनारायण शाह व सतीश विश्वकर्मा ने अपने विचार व्यक्त किए.



