जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले (जमशेदपुर भाजपा ग्रामीण) में बालू के अवैध खनन, भंडारण एवं तस्करी तथा जंगलों में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई को लेकर झारखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने शनिवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा एवं पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सत्या तिवारी के साथ जमशेदपुर के उपायुक्त से उनके कार्यालय में मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और जिले में प्राकृतिक संसाधनों की हो रही लूट पर तत्काल रोक लगाने की मांग की. ज्ञापन में कहा गया कि पूर्वी सिंहभूम जिले के गुड़ाबांदा, चाकुलिया एवं बहरागोड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्वर्णरेखा नदी से बड़े पैमाने पर बालू का अवैध खनन, भंडारण एवं तस्करी की जा रही है. वहीं, हाल ही में चाकुलिया प्रखंड के सांकाभांगा गांव के समीप जंगल में 500 से अधिक सखुआ के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है. (नीचे भी पढ़ें)
भाजपा ने प्राकृतिक संसाधनों की इस खुलेआम लूट और जंगलों की अंधाधुंध कटाई पर वन विभाग की कार्यप्रणाली तथा निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. इस दौरान मीडिया से बात करते हुए डॉ.दिनेशानंद गोस्वामी ने गुड़ाबांदा, चाकुलिया एवं बहरागोड़ा सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्वर्णरेखा नदी से बालू के अवैध खनन और तस्करी पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य में बालू की अवैध लूट का खामियाजा गरीब जनता भुगत रही है, जबकि तस्करों के हौसले बुलंद हैं. पिछले सात वर्षों से बालू की समस्या के कारण आम लोगों को महंगे दामों पर बालू खरीदना पड़ रहा है. स्थिति यह है कि गरीब परिवार अपने घर का निर्माण तक नहीं करा पा रहे हैं और बालू के अभाव में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अबुआ आवास योजना के तहत स्वीकृत कई घरों का निर्माण अधूरा पड़ा है. उन्होंने आरोप लगाया कि छोटी गाड़ियों और ट्रैक्टरों पर कार्रवाई होती है, लेकिन बड़े वाहनों के जरिए होने वाली तस्करी पर अंकुश नहीं दिखता. डॉ. गोस्वामी ने राज्य सरकार से मांग की कि बालू की अवैध तस्करी पर तत्काल रोक लगाई जाए और गरीबों को उचित और सस्ती दरों पर बालू उपलब्ध कराने की ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि प्रधानमंत्री आवास एवं अबुआ आवास के अधूरे निर्माण पूरे हो सकें. (नीचे भी पढ़ें)
वनों की अंधाधुंध कटाई पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. गोस्वामी ने कहा कि झारखंड अपनी समृद्ध वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है, लेकिन आज राज्य में जंगलों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है. चाकुलिया प्रखंड के सांकाभांगा गांव के समीप जंगल में पिछले दिनों सखुआ के 500 से अधिक पेड़ों की कटाई का मामला बेहद गंभीर है. इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई होना वन विभाग की निगरानी व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि यदि जंगलों में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई हो रही है, तो संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता. यह केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्राकृतिक अधिकारों से भी खिलवाड़ है. सरकार और वन विभाग की उदासीनता अथवा लापरवाही की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए. इस दौरान पूर्वी सिंहभूम जिला उपाध्यक्ष रोहित सिंह परमार एवं भाजपा जमशेदपुर महानगर जिला महामंत्री राजीव सिंह भी मौजूद रहे.




