रांची / जमशेदपुर : झारखंड से 13 अक्टूबर को आधिकारिक रूप से दक्षिण पश्चिम मॉनसून की विदोई हो चुकी है. इसकी घोषणआ भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की ओर से की गयी है. राज्य में मॉनसून का आगमन 17 जून को हुआ था. झारखंड से मॉनसून की विदाई के बाद मौसम शुष्क की ओर प्रवृत्त होता है, जिससे क्षेत्र में मुख्य वर्षा के मौसम का समाप्त होता है. इसके साथ ही राज्य में गुलाबी ठंड का आसर दिखने लगा है. बताया गया है कि आधिकारिक रूप से मॉनसून ऋतु जून से सितंबर तक माना जाता है. इस दौरान झारखंड में कुल 1198.8 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 1022.9 मिमी है, जो सामान्य वर्षा की श्रेणी में आता है. (नीचे भी पढ़ें)
झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वास्तविक अवधी 17 जून से 13 अक्टूबर के बीच 118 दिनों की रही. इस दौरान कुल वास्तविक वर्षा 1243.9 मिमी हुई, जो सामान्य वर्षा 1009.0 से 23 फीसदी अधिक रहा. (नीचे भी पढ़ें)
सबसे अधिक वर्षा वाला जिला बना पूर्वी सिंहभूम – मॉनसून के दौरान राज्य के कुल 24 जिलों में से 8 जिलों में अधिक वर्षा हुई. वहीं एक जिलों में कम वर्षा दर्ज की गयी. सबसे अधिक वर्षा पूर्वी सिंहभूम में 1666.1 मिमी जबकि सबसे कम वर्षा गोड्डा जिले में 750.5 मिमी दर्ज की गयी. (नीचे भी पढ़ें)
मॉनसून की विदाई के बाद कैसा रहेगा शहर का मौसम – मॉनसून की विदाई के बाद मौसम साफ और शुष्क रहेगा. राज्य में अगले 5 दिनों के दौरान और न्यूनतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. वहीं 14 अक्टूबर को मौसम साफ रहेगा. 15 से 17 अक्टूबर तक आंशिक बादल छाये रहने की संभावना है.











