जमशेदपुर : जमशेदपुर के डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन में बीएड सत्र 2025-27 के नव प्रवेशी छात्रों का दो दिवसीय परिचय सत्र का आयोजन किया गया. सर्वप्रथम कॉलेज के अध्यक्ष बी चंद्रशेखर एवं ललिता चंद्रशेखर, सचिव श्रीप्रिया धर्मराजन, सह-सचिव सुधा दिलीप, प्रशासनिक सचिव सतीश सिंह, प्राचार्या डॉ जूही समर्पिता, उप-प्राचार्या डॉ मोनिका उप्पल ने दीप प्रज्वलित कर सत्र की शुरुआत की. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भावी शिक्षकों को संस्थान की कार्यप्रणाली, शैक्षिक ढांचे, मूल्य आधारित शिक्षा और शैक्षणिक अनुशासनात्मक अपेक्षाओं से परिचित कराना था. कार्यक्रम की शुरुआत अमृता चौधरी द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण से हुई. डॉ. मीनाक्षी चौधरी ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए संस्थान के सदस्यों का परिचय कराया. बी चंद्रशेखर, ललिता चंद्रशेखर, श्रीप्रिया धर्मराजन एवं डॉ जूही समर्पिता ने भावी शिक्षकों को दायित्व संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ अपने व्यावसायिक लक्ष्य की और बढ़ने का संदेश दिया. सचिव श्रीप्रिया धर्मराजन ने कॉलेज की उपलब्धियों को बताया तथा डॉ जूही समर्पिता ने आठवे बीएड बैच के छात्रों से क्या अपेक्षाएं हैं उस पर प्रकाश डाला. भावी शिक्षकों की जिम्मेदारियों और समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका की विस्तार से चर्चा की. पहले दिन के अंत में आचार संहिता पूर्व छात्र के अनुभव और विभिन्न प्रस्तुति का आयोजन किये गए, जिनका संयोजन उप प्राचार्या डॉ मोनिका उप्पल ने किया. उन्होंने पाठ्यक्रम संरचना एवं शैक्षणिक अपेक्षाओं की जानकारी दी. (नीचे भी पढे़ं)

दूसरे दिन की शुरुआत पुस्तकालय परिचय सत्र से हुई जिसका संचालन काजल महतो ने किया. कंचन कुमारी एवं अर्चना कुमारी ने वैल्यू एडेड कोर्स कि जानकारी साझा की. कार्यक्रम के अंत में डॉ सूरीना भुल्लर सिंह एवं गायत्री कुमारी ने एंटी रैगिंग एवं शिकायत निवारण तंत्र पर जागरूकता सत्र लिया. अंत में आयोजित आइस -ब्रेकिंग गतिविधियों का नेतृत्व डॉ मिनाक्षी चौधरी और मौसमी दत्ता ने किया, जिसने विधार्थियों में सहयोग, उत्साह और आपसी परिचय का वातावरण बनाया. इस अवसर पर सभी शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे.



