जमशेदपुर : प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआइ) ने अपनी जांच में पाया है कि टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, सरकारी कंपनी सेल समेत 24 से अधिक कंपनियों द्वारा स्टील की कीमतों को मिलीभगत कर बढ़ाने का साजिश रची थी. इस खुलासे के बाद इन कंपनियों और उनके शीर्ष अधिकारियों पर भारी जुर्माना लगने का खतरा मंडरा गया है. न्यूज एजेंसी रायटर्स ने एक गोपनीय दस्तावेज का हवाला देते हुए इसकी रिपोर्ट जारी की है. हालांकि, इस मामले में टाटा स्टील ने रायटर्स को दिये गये बयान में साफ तौ पर कहा है कि इसमें कंपनी की ओर से किसी तरह का कोई गलत काम नहीं किया गया है. टाटा स्टील ने रायटर्स को बताया है कि स्टील की कीमत को कंपनी स्वतंत्र रुप से बाजार की स्थिति को देखते हुए तय कर दी है. इसके पीछे कोई साजिश की बात गलत है. राटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिस्पर्धा आयोग ने टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन, जेएसडब्ल्यू के एमडी सज्जन जिंदल, सेल के चार पूर्व अध्यक्ष सहित 56 शीर्ष अधिकारियों को भी 2015 से 2023 के बीच अलग अलग समय पर कीमतों में हेरफेर करने का दोषी पाया है. (नीचे भी पढ़े)
यह जानकारी 6 अक्तूबर के प्रतिस्पर्धा आयोग के आदेश में है, जिसे अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है और पहली यह बातें सामने आयी है. बताया जाता है कि इस मामले की जांच वर्ष 2021 से शुरू की गयी थी. कुछ बिल्डरों ने एक केस दायर किया था और नौ कंपनियों पर आरोप लगाया था कि इन नौ कंपनियों ने मिलकर स्टील की आपूर्ति को रोक दिया है और कीमतें बढ़ा दी थी. आयोग ने इस जांच के तहत कुछ सोटील स्टील कंपनियों पर छापामारी भी की थी. आयोग के अक्तूबर के आदएश के अनुसार, जांच का दायरा बढ़ाकर 31 कंपनियों और उद्योग समूहों तक कर दिया गया था. साथ ही दर्जनों अधिकारियों को इसमें शामिल किया गया था. आयोग ने अब तक अधिकारिक तौर पर कोई कदम नहीं उठाया है. लेकिन फिलहाल, देश में कारोबार जगत में रायटर्स की रिपोर्ट ने सनसनी फैला दी है.



