
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के मदर प्लांट जमशेदपुर में बोनस समझौता पर हस्ताक्षर हो गया. कर्मचारियों को इस साल वित्तीय वर्ष 2019-2020 के बेसिक व डीए का 10 फीसदी बोनस की राशि मिलेगी. इसके साथ ही 221 अस्थायी कर्मचारियों के स्थायीकरण का भी समझौता हुआ. विपरित परिस्थितियों में टाटा मोटर्स में टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन की ओर से बंपर बोनस समझौता हुआ है. भले ही राशि कम हो, लेकिन कोरोना के संक्रमण काल में जहां लोगों की नौकरियां जा रही है, वहां 221 लोगों का स्थायीकरण का समझौता कर यूनियन ने अपना लोहा मनवा लिया है जबकि मजदूरों में भी खुशी की लहर दौड़ गयी है. कर्मचारियों को न्यूनतम 20 हजार रुपये जबकि अधिकतम 42 हजार रुपये बोनस मिलेगा जबकि औसतन बोनस 32900 रुपये अधिकांश को मिलने वाला है.
वैसे पिछले साल 12.9 फीसदी बोनस कर्मचारियों को मिला था जबकि 306 अस्थायी कर्मचारी स्थायी किये गये थे. वैसे यह उम्मीद की जा रही थी कि इस बार स्थायीकरण नहीं हो पायेगा क्योंकि पहले से ही टाटा मोटर्स मंदी की शिकार थी और लगातार क्लोजर पिछले साल ली थी और ऊपर से घाटे में कंपनी चल रही है, लेकिन यूनियन ने मैनजेमेंट के साथ अपने रिश्तों का लाभ लेते हुए बेहतर समझौता करते हुए स्थायीकरण पर भी महुर लगा दी है. टाटा मोटर्स के कुल स्थायी 5500 कर्मचारियों के बीच बोनस की राशि का वितरण शुरू हो जायेगा. सोमवार को हुए बोनस समझौता पर टाटा मोटर्स के प्लांट हेड विशाल बादशाह, मैनुफैक्चरिंग के हेड एबी लाल, डीएलसी राजेश प्रसाद, आइआर के हेड दीपक कुमार, एचआर के हेड रवि सिंह और यूनियन के अध्यक्ष गुरमित सिंह तोते और महामंत्री आरके सिंह ने हस्ताक्षर किये.
टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में पांच साल का बोनस कब-कब क्या हुआ :
वित्तीय वर्ष—– बोनस का फीसदी———बोनस की राशि (न्यूनतम और अधिकतम)
2014-2015—–10 फीसदी————-न्यूनतम 14135 रुपये—अधिकतम 31390 रुपये
2015-2016—-12 फीसदी—————न्यूनतम 16200 रुपये—अधिकतम 33150 रुपये
2016-2017—-10 फीसदी—————न्यूनतम 17893 रुपये—अधिकतम 36018 रुपये
2017-2018—12.2 फीसदी————-न्यूनतम 23231 रुपये—-अधिकतम 46323 रुपये
2018-2019—12.9 फीसदी————-न्यूनतम 19000 रुपये—-अधिकतम 49000 रुपये
2019-2029—-10 फीसदी————न्यूनतम 20000 रुपये——-अधिकतम 42000 रुपये




