जमशेदपुर : महाराष्ट्र के नासिक शहर की एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी में सामने आना मामला केवल महिला उत्पीड़न का अपराध नहीं है, बल्कि यह एक गहरी जहरीली जिहादी मानसिकता और संगठित अपराध का व्यापक हिस्सा प्रतीत होता है. इसे लेकर हिन्दू जनजागृति समिति का प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा है. प्रतिनिधिमंडल ने कॉर्पोरेट जिहाद और धर्मांतरण पर रोक लगाने की मांग की है. उनका कहना है कि जानबूझकर हिंदू महिलाओं को निशाना बनाना, उनका बौन उत्पीडन करना, बलात्कार करना, धर्मांतरण के लिए दबाव डालना, श्रीफ (गोमांस खाने के लिए मजबूर करना और नमाज पढ़ने जैसी धार्मिक गतिविधियों के लिए विवश करने जैसी चौकाने वाली घटनाएं हुई हैं. (नीचे भी पढ़ें)
संबंधित कंपनी में उच्च पदों पर आसीन मुस्लिम समुदाय के व्यक्तियों ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर हिंदू महिला कर्मचारियों पर दबाव बनाया. जब हिंदू महिलाओं ने शिकायत करने की कोशिश की, तो उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी गई या उन पर अधिक अत्याचार किए गए. कंपनी प्रबंधन द्वारा शिकायतों की अनदेखी करना अक्षम्य है. वे केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं है, बल्कि कार्यस्थल पर ‘धार्मिक आतंक’ पैदा करने का एक संगठित आपराधिक प्रवास है. इस मामले में कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. अन्य उच्च अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की गयी है.



