जमशेदपुर : जमशेदपुर के जुगसलाई पुलिस द्वारा सेना के जवान को जेल भेजने के मामले में नया मोड़ आया है. इस मामले में पुलिस का पक्ष कमजोर कोर्ट में साबित हुआ, जिसके बाद जमशेदपुर कोर्ट से आरोपी सूरज राय और उसके साथ मौजूद विजय कुमार को जमानत मिल गयी. जमानत पर बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश झा और उनके जूनियर आनंद झा ने बहस की, जिसके बाद उनको जमानत दे दी गयी. सेना के जवान सूरज राय और बिनोद कुमार को नजदीकी रिश्तेदार के जमानतदार होने की शर्त कोर्ट ने रखी, जिसके बाद सूरज राय के भाई, जो स्टेट बैंक में कार्यरत है, ने जमानत लिया. वहीं, विजय कुमार का जमानत अब बुधवार को बांड भरने के बाद होगा. (नीचे भी पढ़ें)
इस दौरान जमशेदपुर कोर्ट के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी 8 सुरेंद्र बेदिया की अदालत में जमानत पर बहस हुई, जिसमें हत्या करने का प्रयास के धारा को गलत मानते हुए बाकि धारा को सात साल से नीचे का मानते हुए जमानत दे दी गयी. इसमें एक कोर्ट के पूर्व के फैसले को आधार बताते हुए जमानत दी गयी. अशफाक अहमद के केस के आधार पर यह जमानत दी गयी. इस दौरान पुलिस की ओर से अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने बचाव पक्ष की मजबूत दलील को माना और जमानत दे दी. आपको बता दें कि सेना के जवान सूरज राय और विजय कुमार को पिछले दिनों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इस मामले को लेकर सैनिकों और पूर्व सैनिकों ने आंदोलन भी चलाया. कोर्ट में सुनवाई के दौरान सेना के जवान और पदाधिकारी भी मौजूद थे.



