जमशेदपुर: आज विश्व पार्किसंस दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम साकची न्यूरो सेंटर में आयोजित किया गया. इस अवसर पर न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर एमएन सिंह ने बताया कि पार्किसंस रोग की खोज जेम्स पार्किसंस ने किया था. उन्हीं के जन्मदिन को विश्व पार्किसंस दिवस के रूप में हम लोग मानते हैं. पार्किसंस रोग में मुख्य रूप से मस्तिष्क प्रभावित होते हैं, जिसके कारण शरीर में कंपन, अकड़न, स्थिरता, धीमापन, बोलने में कठिनाई, चलने में संतुलन आदि इनके मुख्य लक्षण है. इसका मुख्य कारण ब्रेन में प्रोटीन जमा हो जाना है, जो वहां ब्रेन के सेल्स को मार देते हैं. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने बताया कि पार्किसंस रोग का इलाज दवा, सर्जरी, योग और संतुलित खानपान के द्वारा किया जाता है. एक लाख लोगों में 50 से 70 लोग इस बीमारी से ग्रसित होते हैं. शुरुआत में ही इलाज हो जाने से जल्दी सुधार होता है. उन्होंने बताया कि 60 वर्ष के आयु के बाद ज्यादा होने की संभावना रहती है, लेकिन अब तो 50 वर्ष के बाद से ही कई लोगों में इस तरह के लक्षण देखने को मिलते हैं. इसीलिए पार्किसंस रोग के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है.



