रांची : झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार एवं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड जगुआर मुख्यालय, रांची में शहीद जवान सुनील धान जी के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी. राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने शहीद के शोक संतप्त परिजनों से मिलकर उनका ढाढ़स बंधाया. गृह विभाग की प्रधान सचिव वंदना दादेल और पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता समेत कई वरीय पुलिस पदाधिकारियों ने शहीद जवान के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी एवं उनकी शहादत को नमन किया. मुख्यमंत्री ने गहरी संवेदना जताते हुए कहा कि एक जवान का शहीद होना काफी दुःखद है. ऐसी कोई भी घटना ,किसी भी परिवार के लिए काफी पीड़ादायक होती है. उन्होंने शहीद के शोकाकुल परिजनों का हिम्मत बढ़ाते हुए कहा , कि दुःख की इस घड़ी में हम सभी आपके साथ हैं. सरकार सहयोग के लिए सदैव आपके लिए खड़ी रहेगी. (नीचे भी पढ़ें)

मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर के लिए उग्रवाद एक बड़ी समस्या थी. लेकिन, सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से उग्रवाद का सफाया अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है. उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन में हमारे कई जवान भी शहीद हुए हैं, लेकिन उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी. आज जो थोड़े बहुत उग्रवादी रह गए हैं, वे हताशा में ऐसी घटनाओं को अंजाम देने का प्रयास कर रहे हैं. लेकिन, उनकी ये मंशा भी नाकाम साबित हो रही है. नक्सलियों के विरुद्ध सुरक्षा बलों का ऑपरेशन लगातार मजबूत और सफल हो रहा है. उग्रवादी घटनाएं अब अंतिम सांसें गिन रही है. (नीचे भी पढ़ें)
विदित है कि शहीद सुनील धान जी का पैतृक घर खूंटी जिला के कर्रा प्रखंड स्थित कांटी पोड़हा टोली में है. उनके परिवार में मां फगुनी उराइंन, पत्नी श्रीमती गंदरी धान और पुत्र प्रियांश धान (6 वर्ष) तथा अनिकेत धान (4 वर्ष) है. राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने राज अस्पताल, रांची में भर्ती कोबरा -203 बटालियन के जवान विष्णु सैनी से भी मुलाकात की और इलाज से संबंधित सारी जानकारी, चिकित्सकों से प्राप्त की. मुख्यमंत्री ने कहा कि, सरकार घायल जवान को बेहतर से बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराएगी. ज्ञात हो कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के जराईकेला में सुरक्षा बलों के द्वारा चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान उग्रवादियों के आईईडी विस्फोट में वे घायल हो गए थे.




