जमशेदपुर : सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित अरका जैन यूनिवर्सिटी में सोमवार को ‘आरंभ 2025’ कार्यक्रम के साथ ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा की शुरुआत की गयी. इसके तहत पहले बैच के ओरिएंटेशन मीट का आयोजन किया गया, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मानकों पर आधारित इस मॉडल के तहत अब छात्र ऑनलाइन माध्यम से डिग्री हासिल कर सकेंगे. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनिवर्सिटी प्रबंधन बोर्ड के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) एसएस रजी ने की. उन्होंने कहा कि उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है. मुख्य अतिथि डॉ. कल्याण कुमार साहू (मेडिकैप्स यूनिवर्सिटी, इंदौर) ने ओपन लर्निंग की वैश्विक उपयोगिता पर प्रकाश डाला. दूरस्थ शिक्षा केंद्र के निदेशक डॉ. अरविंद पांडेय ने कहा कि केंद्र छात्रों को लचीली, कौशल-आधारित और डिजिटल शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. कार्यक्रम में वीडियो प्रस्तुति व इंटरएक्टिव गतिविधियों के माध्यम से छात्रों का स्वागत किया गया. समन्वयन डॉ. उर्वशी ठाकुर ने किया. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जो विश्वविद्यालय की ज्ञान, नवाचार और शिक्षा में रोशनी फैलाने की परंपरा का प्रतीक है. एजेयू का नया हाइब्रिड शिक्षण मॉडल ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग की पहुंच और ऑनलाइन लर्निंग की इंटरैक्टिव शक्तियों का संगम है, जो देशभर के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ शिक्षा प्रदान करने में सक्षम है. समारोह की अध्यक्षता अर्का जैन विश्वविद्यालय प्रबंधन बोर्ड के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) एसएस रजी ने की. उन्होंने कहा कि एजेयू का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि हर वर्ग के छात्र-छात्राओं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है. हम शिक्षा को लोकतांत्रिक बनाना चाहते हैं, ताकि यह सीमाओं में न बंधे. मुख्य अतिथि मेडिकैप्स यूनिवर्सिटी, इंदौर के प्रमुख व प्रोफेसर डॉ. कल्याण कुमार साहू ने ओपन और डिस्टेंस लर्निंग की वैश्विक स्तर पर बढ़ती उपयोगिता और इसके प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने बताया कि तकनीक के माध्यम से भौगोलिक बाधाओं को पार कर किस तरह से शिक्षा को व्यापक बनाया जा सकता है. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण क्षण अरका जैन यूनिवर्सिटी के दूरस्थ और ऑनलाइन शिक्षा केंद्र का औपचारिक व विधिवत उद्घाटन रहा. इस केंद्र के निदेशक डॉ. अरविंद कुमार पांडे ने कहा, “हमारा केंद्र विद्यार्थियों को कौशल-आधारित, लचीली और डिजिटल रूप से सशक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। हमारा लक्ष्य है-सीखना और ज्ञानवर्धन कभी न रुके. अभिषेक उपाध्याय ने छात्रों को पाठ्यक्रम से संबंधित विस्तृत जानकारी दी. इसके पश्चात, एक वीडियो प्रस्तुति और विभिन्न इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से छात्रों का स्वागत किया गया. कार्यक्रम का समन्वयन एमबीए विभाग की प्रमुख डॉ. उर्वशी ठाकुर ने किया. कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसने उपस्थित सभी प्रतिभागियों के मन में शिक्षा के माध्यम से देशसेवा के जज़्बे को और प्रबल किया. ‘आरंभ 2025’ केवल एक शुरुआत नहीं, बल्कि एजेयू की दूरदर्शिता और डिजिटल शिक्षा में नेतृत्व की ओर एक ठोस कदम है. अरका जैन विश्वविद्यालय का यह कदम, ना केवल झारखंड बल्कि पूरे देश में उच्च शिक्षा के स्वरूप को नया आकार देने वाला साबित हो सकता है. तकनीक, समावेशिता और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधनों के संगम से यह पहल भविष्य की शिक्षा प्रणाली का आदर्श मॉडल बन सकती है.



