सरायकेला : झारखंड सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजूल हसन द्वारा दिए गए बयान को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है. मंत्री के विवादित बयान के विरोध में भाजपा लगातार हमलावर है. इसी क्रम में पार्टी ने मंगलवार को सरायकेला में आक्रोश मार्च निकालकर विरोध जताया, जिसमें भाजपा के जिला अध्यक्ष उदय सिंहदेव, जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा शामिल हुए. वक्फ बोर्ड को लेकर लाए गए नए कानून के बीच देशभर में बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. झारखंड में भी इसका असर साफ नजर आ रहा है. दरअसल, झारखंड सरकार के मंत्री हफीजुल हसन ने अपने बयान में कहा था कि हमारे दिलों में शरीयत है और हाथ में संविधान. इस बयान को लेकर भाजपा लगातार मंत्री पर निशाना साध रही है. (नीचे भी पढ़ें)
मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष उदय सिंह देव ने कहा कि मंत्री हफीजुल हसन का बयान उनकी कुंठित मानसिकता को दर्शाता है. एक संवैधानिक देश में इस तरह का बयान शर्मनाक है. उन्हें इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. वहीं जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने मंत्री हफीजुल हसन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि मंत्री शायद भूल गए हैं कि उन्होंने जिस संविधान की शपथ ली है, उसी का वे अपमान कर रहे हैं. भारत का संविधान सर्वोपरि है और हर नागरिक के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है. मंत्री ने यह बयान देकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वे संविधान के प्रति सम्मान नहीं बल्कि सिर्फ दिखावा करते हैं. भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि मंत्री हफीजुल हसन ने माफी नहीं मांगी तो पार्टी राज्यभर में आंदोलन तेज करेगी. यह मार्च सरायकेला के मौसी बड़ी होते हुए अनुमंडल कार्यालय तक निकाली गई जहां कार्यकर्ताओं ने मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की उसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा. मार्च में सरायकेला विधायक प्रतिनिधि सनंद आचार्य, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष विजय महतो, सरायकेला नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष मीनाक्षी पटनायक, लिपू महंती, बड़ा बाबू सिंह देव, रमेश हांसदा, पंकज कुमार, पिंकी मोदक, सुमित चौधरी, बीजू दत्ता, बद्री दरोगा, राकेश सिंह, राकेश मिश्रा, कविता परीक्षा समेत कई कार्यकर्ता शामिल हुए.



