रांची : झारखंड सरकार की पहल से कुवैत में कार्यरत दिवंगत प्रवासी श्रमिक रामेश्वर महतो का पार्थिव शरीर अब उनके परिजनों को मिल सकेगा. श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, झारखंड सरकार के अधीन संचालित राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष, रांची की तत्पर पहल से कुवैत में कार्यरत दिवंगत प्रवासी श्रमिक रामेश्वर महतो के पार्थिव शरीर की भारत वापसी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण की गई. मालूम हो कि हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत ग्राम बंडखरो निवासी श्री महतो विगत 12 वर्षों से मेसर्स इम्को इंजीनियरिंग व कंस्ट्रक्शन कंपनी, कुवैत में कार्यरत थे. 15 जून को कुवैत में उनका आकस्मिक निधन हृदय एवं श्वसन गति रुकने के कारण हुआ. (नीचे भी पढ़े)
श्री महतो की पत्नी प्रमिला देवी द्वारा 19 जून को राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को उनके दिवगंत पति के पार्थिव शरीर को झारखंड लाने का अनुरोध किया गया था, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय दूतावास, कुवैत एवं प्रोटेक्टर ऑफ इमिग्रेंटस, रांची को सूचित किया गया. परिवार को न्यायोचित मुआवजा और पार्थिव शरीर की शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए समन्वयात्मक प्रयास आरंभ किए गए. प्रारंभ में परिजनों द्वारा अंतिम भुगतान प्राप्त हुए बिना पार्थिव शरीर स्वीकारने से इनकार किया गया, जिससे प्रक्रिया में विलंब हुआ. (नीचे भी पढ़े)
लगातार संवाद के बाद, 27 जुलाई को हजारीबाग उपायुक्त द्वारा परिजनों की सहमति प्राप्त की गई तथा भारतीय दूतावास, कुवैत को औपचारिक अनुरोध भेजा गया. 28 जुलाई को कंपनी द्वारा आवश्यक प्रक्रिया आरंभ की गई और गुरुवार 31 जुलाई को पार्थिव शरीर भारत लाया गया जिसे अपराह्न 3:45 बजे बिरसा मुंडा हवाई अड्डे, रांची पर शव को मृतक के पुत्र किशोर महतो एवं हजारीबाग के विष्णुगढ के बीडीओ अखिलेश कुमार द्वारा प्राप्त किया गया है. जिला प्रशासन द्वारा पार्थिव शरीर को मृतक के गृह जिले हजारीबाग तक ले जाने हेतु एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है.



