देवघर : भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दो दिवसीय दौरे पर झारखंड पहुंची. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने देवघर के बाबा बैद्यनाथधाम एयरपोर्ट पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आगमन पर उनका स्वागत किया. राज्यपाल ने कहा कि श्रावणी माह की इस पुण्य बेला में राष्ट्रपति का देवघर आगमन सम्पूर्ण राज्यवासियों के लिए हर्ष का विषय है. दूसरी ओर, आज का दिन झारखंड के देवघर जिला के लिए काफी अहम है. देवघर एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इसमें बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुई. (नीचे भी पढ़े)

उनके देवघर आगमन को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गयी थी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार की दोपहर 12.20 बजे देवभूमि देवघर पहुंचीं. एयरपोर्ट पर राज्यपाल संतोष गंगवार के नेतृत्व में उनका भव्य स्वागत किया गया. मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने राष्ट्रपति को पारंपरिक अंगवस्त्र भेंट किया. इस अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के अलावा देवघर डीसी नमन प्रियेश लकड़ा, एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग समेत कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि डॉक्टर व्यवहार में क्लीनिकल न बनें, बल्कि सहानुभूति के साथ सलाह दें. (नीचे भी पढ़े)

बाबा बैद्यनाथ ने जनसेवा के लिए भेजा है. एक अच्छा डॉक्टर के साथ अच्छा इंसान भी होना जरूरी
राष्ट्रपति गुरुवार को एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहीं थीं. उन्होंने कहा कि डॉक्टर अनगिनत जीवन में उजाला कर सकते हैं. समाज निर्माण में भी वे अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं. राष्ट्रपति ने कहा कि एम्स के साथ मेरी विशेष स्मृति जुड़ी हुई है. जब मैं झारखंड की राज्यपाल थी तो 25 मई 2018 में सिंदरी से इसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. देवघर एम्स की विकास यात्रा से मेरा विशेष संबंध बन गया है. देवघर एम्स में कल्चर ऑफ एक्सिलेंस की शुरूआत हो रही है. इसके लिए राष्ट्रपति ने पूरी टीम को शुभकामनाएं भी दीं. राष्ट्रपति ने कहा कि आज उपाधी व पदक पाने वालों में बेटियों की संख्या छात्रों के बराबर है. एम्स में प्रवेश पाना और शिक्षा ग्रहण करने का मतलब है कि आप एक कुशल डॉक्टर बन गए हैं. (नीचे भी पढ़े)

लेकिन सेंसेटिव कम्यूनिकेशन की क्षमता भी होनी चाहिए. कुछ ऐसे डॉक्टर हैं जिनके परामर्श से परिवार के लोग बेहतर महसूस करते हैं. राष्ट्रपति ने डॉक्टरों से कहा कि प्राइमरी हेल्थ क्षेत्र में भी सक्रियता के साथ काम होना चाहिए. अर्बन-रुरल हेल्थ कम्यूनिटी सेंटर भी जाकर अपनी सेवा दें. उन्होंने देवघर एम्स से कहा कि गांवों को गोद लेने का दायरा बढ़ाना चाहिए. देवघर एम्स ने अब तक पांच गांवों को ही गोद लिया है. राष्ट्रपति ने कहा कि जब मैं राज्यपाल थी तो मैनें पूरे गांव का भ्रमण किया इसलिए हेल्थ इज वेल्थ को ध्यान में रखकर काम करने की जरूरत है. समाज के काम में भी ध्यान देने की जरूरत है. सेवा प्रदान करने के लिए काफी अवसर भी हैं. शिशु मृत्यु दर और थैलेसिमिया को भी कम करने की जरूरत है. उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि आप एक उदाहरण बनें. दवा पर कम से कम खर्च हो. स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में एम्स की भूमिका है.



