जमशेदपुर : टाटा समूह में रतन टाटा के निधन के बाद टाटा ग्रुप की कमान संभालने वाले नोएल टाटा ने एन चंद्रशेखरन के खिलाफ कदम उठाने लगे है. ताजा मामला तब सामने आया, जब टाटा ट्रस्ट (टाटा समूह का मुख्य बॉडी) के चेयरमैन नोएल टाटा ने लीडरशिप में ही बदलाव का प्रस्ताव दे दिया. इसके तहत चेयरमैन की भूमिका को ही तीन भागों में बांटने का फैसला ले लिया. इसके तहत सीइओ, एमडी और डिप्टी सीइओ के पद सृजित कर चेयरमैन के पद को ही कमजोर करने की तैयारी की गयी. नोएल टाटा की चाहत है कि एन चंद्रशेखरन 2027 में पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद टाटा संस के चेयरमैन बने रहे, लेकिन एमडी, सीइओ और डिप्टी सीइओ में कई काम विभाजित कर दिये जाये. हालांकि, इस फैसले को लेकर टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी में ही मतभेद उबर गये, जिसके बाद इस योजना को रोक दिया गया. बताया जाता है कि एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल 2027 तक ही है. (नीचे भी पढ़ें)
बताया जाता है कि नोएल टाटा चाहते है कि लीडरशिप को बदला जाये. नोएल टाटा चाहते है कि एन चंद्रशेखरन समूह से जुड़े रहे, लेकिन नान एक्जीक्यूटिव चेयरमैन के पद पर आसीन रहे, जिनके पास एक्जीक्यूशन (कार्यवाही) का कोई अधिकार नहीं हो. वह पावर एमडी, सीइओ और डिप्टी सीइओ में निहित कर दिया जाये. हालांकि, खुद ट्रस्टियों ने विरोध कर दिया. ट्रस्ट के अन्य सारे लोग चाहते है कि टाटा संस के चेयरमैन के रुप में चंद्रशेखरन को तीसरा कार्यकाल भी दिया जाये. उनकी मांग तब है जब 2027 में चंद्रशेखरन की उम्र 65 साल की होजायेगी और उनकी आयु रिटायरमेंट के उम्र को पार कर जायेगी. एन चंद्रशेखरन ने चेयरमैन का पद संभालना के बाद टाटा समूह की कंपनियों को काफी आगे ले गये है. पूरे समूह को करीब 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज से मुक्ति दिलायी है. (नीचे भी पढ़ें)
टाटा स्टील, टाटा मोटर्स जैसी ग्रुप कंपनियों का प्रोफिट बढ़ा है. वहीं, एयर इंडिया का अधिग्रहण किया और वन टाटा रणनीति को अमल में लाया. फिलहाल, एन चंद्रशेखरन टाटा समूह की टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा पावर, एयर इंडिया, इंडियन होटल्स और टाटा कंज्यूमर्स समेत कई अन्य कंपनियों के भी चेयरमैन है. वैसे भी टाटा समूह में सबकुछ ठीक चलता नजर नहीं आ रहा है. पिछले दिनों ही टाटा ट्रस्ट के वाइस चेयरमैन विजय सिंह (77 साल) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद से यह पद भी खाली है. अब नयी नियुक्तियों का भी समय है और सबकी निगाहें नोएल टाटा पर टिकी हुई है.



