सरायकेला : कुड़मी को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने एवं कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर शनिवार को झारखंड, बंगाल और ओडिशा में आहूत “रेल टेका- डहर छेका” आंदोलन चांडिल अनुमंडल के हेसालौंग रेलवे स्टेशन के समीप रेल ट्रैक पर बैठे कुड़मी समुदाय के लोगों ने करीब 12 घंटे बाद समाप्त करने की घोषणा कर दी. (नीचे भी पढ़ें)
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आजसू नेता हरेलाल महतो और जेएलकेएण नेता तरुण महतो ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश और आंदोलनकारियों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने के आश्वासन के बाद सशर्त आंदोलन समाप्त किया जा रहा है. यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो भविष्य में पुनः आंदोलन किया जाएगा. आंदोलन समाप्ति से पूर्व आंदोलनकारियों ने एक मेमोरेंडम दंडाधिकारी को सौंपा, जिसमें उन्होंने अपनी मांगों से राज्य एवं केंद्र सरकार को अवगत कराने की बात की. इधर मौके पर मौजूद दंडाधिकारी गिरजा शंकर महतो ने बताया कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया इसलिए किसी आंदोलनकारी पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और उनकी मांगों को सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा.



