रांची : झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर इंडिया गठबंधन के दोनों प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया. झामुमो के घोषित प्रत्याशी बैजनाथ राम ने सोमवार को अपना नामांकन दाखिल किया. इस मौके पर उनके साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजद के विधायक जनार्दन पासवान और वामपंथी दल के विधायक समेत अन्य लोग मौजूद थे. इस दौरान एकजुटता दिखाने का प्रयास किया गया. इसके बाद कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार प्रणव झा ने अपना नामांकन दाखिल किया. नामांकन के दौरान भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बाघेल, राजद विधायक जनार्दन पासवान समेत अन्य इंडिया गठबंधन दलों के लोग मौजूद थे. इस दौरान दोनों ही प्रत्याशियों के साथ विधायकों का शक्ति प्रदर्शन भी किया गया. इस दौरान विधायकों की एकजुटता का परिचय देने की कोशिश की गयी. (नीचे भी पढ़ें)
झारखंड के 81 विधानसभा सीट में झामुमो के पास 34 विधायक है. वहीं, कांग्रेस के पास 16, राजद के पास 4 और सीपीआइ एमएल के पास दो विधायक है यानी इंडिया गठबंधन के पास कुल 56 विधायक है. भाजपा के अपने 21 विधायक है. जदयू, लोजपा, आजसू के एक एक विधायक को जोड़ा जाये तो 24 विधायक होते है. ऐसे में भाजपा को जीतना है तो 28 विधायक चाहिए. एक विधायक झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम महतो है. जो किसी के पक्ष में नहीं है. जयराम महतो कहीं भी जा सकते है. यदि विधानसभा के सभी 81 सदसयों ने मतदान किया और सभी वोट वैद्य पाये गये तो किसी भी उम्मीदवार को निर्वाचित होने के लिए 2701 अंक का कोटा प्राप्त करना अनिवार्य होगा यानी प्रथम वरीयता के 28 सदस्यों का मत हासिल करना होगा. (नीचे भी पढ़ें)
सत्तारुढ़ झामुमो के लिए अपने पहले उम्मीदवार के लिए ठीक 28 मतों का दांव लगाना जोखिम से खाली नहीं है. यदि एक भी वोट रद्द होता है तो पूरा समीकरण बिगड़ सकता है. यदि झामुमो अपने उम्मीदवार को सुरक्षित करने के लिए प्रथम वरीयता के 30 या 32 मत दिलाता है तो सत्तारुढ़ गठबंझन के दूसरे उम्मीदरार के पास केवल 24 या 26 वोट बचेंगे. ऐसी स्थिति में दूसरे उम्मीदवार को जीतने के लिए विपक्ष से बड़ी सेंधमारी या अन्य दांव लगाना होगा.







