जादूगोड़ा : हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को नरवा पहाड़ स्थित हितकु पंचायत के खुखड़ाडीह में सिदो-कान्हू हूल गावता की ओर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान सिदो कान्हू हूल गावता के संरक्षक पलटन मुर्मू, माझी बाबा माझी, सिंगी हांसदा,रामदास मुर्मू, राजा लराम मुर्मू, बुधराम हेंब्रम, बाबू लाल मुर्मू, दुर्गा सोरेन, विक्रम मुर्मू, कुमार चंद्र मार्डी समेत महिलाओं, बच्चों ने स्वतंत्रता सेनानी सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर पूजा अर्चना व माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया. (नीचे भी पढ़ें)

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिदो-कान्हू हूल गावता के संरक्षक पलटन मुर्मू ने कहा कि हूल दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के स्वाभिमान, अस्मिता और आजादी के लिए किए गए ऐतिहासिक संघर्ष का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि सिदो-कान्हू ने अंग्रेजी हुकूमत और शोषण के खिलाफ जिस साहस और एकजुटता के साथ आंदोलन का नेतृत्व किया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने युवाओं से अपने इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को जानने तथा समाज की एकता और अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया. उन्होंने आगे कहा कि हूल दिवस हमें अन्याय और शोषण के विरुद्ध लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने तथा समाज में भाईचारा, शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने का संदेश देता है. कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम के संरक्षक पलटन मुर्मू ने लोगों से वीर शहीद सिदो-कान्हू के बलिदान को नमन करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दिलाया.







