जमशेदपुर : टाटानगर रेल सिविल डिफेंस द्वारा भारत सरकार के महत्वपूर्ण योजना सर्प दंश रोकथाम एवं नियंत्रणऔर संरक्षण की प्रशिक्षण में बताई गई कि प्राय: सोए हुए व्यक्ति को बिछावन पर करैत व चित्ती सांप द्वारा काटने की घटना सबसे अधिक होती है. करैत सांप झारखंड में चार विभिन्न रंगों की पाई जाती है इसकी लंबाई तीन से पांच फीट होती है, दांत बारिक और पतली होती है. इसके काटने पर एकदम दर्द नहीं होता इसलिए व्यक्ति भुलावे में रह जाता है कि साधारण कीड़े मकौड़ो ने काटा है और व्यक्ति समय पर इलाज मे लापरवाही कर बैठते हैं. इसकी वजह से व्यक्ति की चार से छः घंटे के अंदर व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है. दूसरा विषैला सांप “शॉ स्केल रसेल वाइपर “जो खेत, खलिहान पत्थर,लकड़ी ईट का ढेर, खपड़ा में छिपकर रहते हैं, रात में शिकार के लिए बाहर निकलता है सबसे अधिक इसी जहरीले सांप के काटने से सर्वाधिक लोग मरते है. (नीचे भी पढ़ें)

इसके दो मोटे जहरीले दांत, फ्रेग्स होते है और काटने पर निशान छोड़ देते है इसकी पहचान कर समय पर चिकित्सा लेकर जान बचाई जा सकती है. लोको पायलट गण को घटना स्थल पर तत्काल प्राथमिक चिकित्सा विधि, प्रबंधन कार्यो को प्रशिक्षित कर जागरूक किया गया. सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर राष्ट्रपति पदक सम्मानित सदस्य संतोष कुमार में बताया कि लोकों पायलट रेल कर्मियों के कार्य स्थल के कुछ ऐसे क्षेत्र है जहां सर्पदंश का खतरा हमेशा बना होता है. ऐसे में प्रशिक्षण ही बचाव, सुरक्षा के माध्यम होते है. डिजिटल विधि, टेली फिल्म, पावर प्वाइंट के माध्यम जहरीले और बिषहीन सर्प की बनावट, संरचना में अंतर, सांप के कटने की निशान से पहचान, लक्षण कि विस्तृत प्रशिक्षण दी गई. प्रशिक्षण हेतू डम्मी सर्प का उपयोग किया. सांप के जहर न्यूरोटॉक्सिक, हेमोटॉक्सीक, मायोटॉक्सीक के शरीर में प्रभाव का शिक्षण भी दी गई. (नीचे भी पढ़ें)
बताया कि भारत में सांप की 275 प्रकार की प्रजातियां पाई जाती है जिसमें 15% सांप ही विषैला होते हैं. इनमें से 20% सांप ड्राइ बाइट करते हैं, इसलिए आवश्यक है कि सांप काटने पर घबराएं नहीं मनोबल को मजबूत बनाए रखें, ओझा गुनी व अंधविश्वास से बचे. प्रशिक्षण कार्यक्रम इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र के सभागार में आयोजित की गई. प्रशिक्षण कार्यक्रम में रांची, आद्रा, खड़गपुर, चक्रधरपुर डिवीजन के वंदेभारत, सुपरफास्ट, मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर और मालगाड़ी ट्रेन के वरिष्ट लोकों पायलट, सहायक लोकों पायलट कुल 140 पायलट उपस्थित रहे. डेमोंस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद द्वारा चोट लगने पर विभिन्न प्रकार के बैंडेज विधि फायर एक्सटिंग्विशर, सिपीआर विधि की प्रशिक्षण मॉक ड्रील कर दिया गया. वरिष्ठ लोको पायलट ने प्रशिक्षण केंद्र में सिविल डिफेंस द्वारा मुख्य विषयों के साथ रेल कर्मियों कि विशिष्ट समस्या ड्यूटी के दौरान सांप काटने और सांप का सामना होने पर दी गई. व्यवहारिक ज्ञान प्रशिक्षण को लाभप्रद बताते हुए सिविल डिफेंस प्रशिक्षण उपयोगी बताया.




