जमशेदपुर: जमशेदपुर के डिमना लेक से 24 जुलाई को एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टरों, सक्षम सिंह और समीर कुमार (लाल) के शव मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने हॉस्टल से सामान बाहर ले जाने के मामले में सख्ती बढ़ा दी है. शुक्रवार को बिना लिखित अनुमति सामान ले जाने का प्रयास करने पर डॉ यश बरछा और बाद में दिवंगत डॉ समीर कुमार के परिजनों को भी सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया. जानकारी के अनुसार, सोनारी निवासी डॉ यश बरछा अपने पिता के साथ टेंपो लेकर हॉस्टल पहुंचे थे. उन्होंने कमरे में रखा एसी और अन्य सामान टेंपो पर लाद लिया था. मुख्य गेट से बाहर निकलने के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोककर कॉलेज प्रशासन की लिखित अनुमति मांगी. अनुमति नहीं होने पर दोनों पक्षों के बीच कुछ देर बहस हुई. इसकी सूचना तत्काल प्राचार्य, हॉस्टल वार्डन और अन्य अधिकारियों को दी गई. (नीचे भी पढ़ें)
प्राचार्य के निर्देश पर सुरक्षाकर्मियों ने स्पष्ट कर दिया कि बिना लिखित अनुमति किसी भी छात्र या परिजन को हॉस्टल से सामान बाहर ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसके बाद सामान से लदा टेंपो वापस हॉस्टल लाया गया और सामान दोबारा कमरे में रखवा दिया गया. पूरी घटना सीसीटीवी और कैमरे में रिकॉर्ड कर कॉलेज प्रबंधन को सौंप दी गई. यह घटना शाम करीब पांच बजे की बताई गई. इसी दिन शाम करीब सात बजे दिवंगत डॉ समीर कुमार की मां, उनके भाई और अन्य परिजन भी हॉस्टल पहुंचे और कमरे में रखा सामान ले जाने का प्रयास किया. बैरियर पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें भी लिखित अनुमति नहीं होने के कारण रोक दिया. काफी आग्रह के बावजूद अनुमति नहीं मिलने पर परिजनों को बिना सामान लिए लौटना पड़ा. गौरतलब है कि डिमना लेक कांड में दिवंगत डॉ. समीर कुमार और सक्षम सिंह के परिजनों ने बोड़ाम थाना में डॉ यश बरछा के खिलाफ साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है. मामले की पुलिस जांच जारी है. इसी को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने जांच पूरी होने तक हॉस्टल से किसी भी प्रकार का सामान विधिवत लिखित अनुमति के बिना बाहर ले जाने पर रोक लगा दी है.




