जमशेदपुर: भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आइसीएसआइ) के जमशेदपुर चैप्टर द्वारा बिष्टुपुर स्थित यूनाइटेड क्लब में “बियॉन्ड कंप्लायंस : सेमिनार ऑन की कंटेंपरेरी टॉपिक्स” का एक दिवसीय ज्ञानवर्धक आयोजन किया गया. इस सेमिनार में जमशेदपुर एवं आसपास के क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में कंपनी सचिवों और कॉर्पोरेट विशेषज्ञों ने सहभागिता की. कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में आइसीएसआइ की सेंट्रल काउंसिल मेंबर कंपनी सेक्रेटरी रूपांजना डे मुख्य रूप से उपस्थित रहीं. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में कंपनी सचिवों की भूमिका केवल नियमों के अनुपालन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि वे कारपोरेट गवर्नेंस और रणनीतिक निर्णय प्रक्रिया के मुख्य आधार बन चुके हैं. ऐसे सेमिनार पेशेवरों को नए कानूनों और डिजिटल बदलावों से निरंतर अपडेट रखने में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं. (नीचे भी पढ़ें)

सेमिनार में कोलकाता से आए तीन प्रमुख वक्ताओं ने तकनीकी सत्रों को संबोधित किया. कंपनी सेक्रेटरी अर्पण सेनगुप्ता ने “न्यू लेबर कोड” पर भारत के भावी कार्यबल के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया. कंपनी सेक्रेटरी निखिल इसरानी ने “मास्टरिंग जीएसटी आईटीसी” विषय पर इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया. वहीं आइसीएसआइ (इआइआरसी) के पूर्व चेयरमैन डॉ मोहित शॉ ने “ट्रेडिशनल प्रैक्टिस टू डिजिटल एक्सीलेंस” विषय पर विचार रखते हुए पेशेवरों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम के संबंध में जमशेदपुर चैप्टर के चेयरमैन अंकित मजुमदार ने कहा कि इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य हमारे सदस्यों और पेशेवरों को कॉर्पोरेट जगत के नवीनतम बदलावों और जटिल कानूनी प्रक्रियाओं से अवगत कराना है. इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में जमशेदपुर चैप्टर के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध समिति सदस्य अंकित सिंह का विशेष योगदान रहा. साथ ही, आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में चैप्टर प्रभारी तापस मजुमदार एवं स्टाफ सदस्य राकेश कुमार का भी सराहनीय सहयोग रहा. कार्यक्रम का समापन जमशेदपुर चैप्टर की सचिव श्वेता अग्रवाल द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.







