जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज से डिमना लेक के पहले किसी उपयुक्त स्थान तक सड़क के ऊपर ऊपरी पथ (एलिवेटेड रोड/फ्लाईओवर) बनाने की मांग की है. इस संबंध में उन्होंने पथ निर्माण विभाग के सचिव तथा मुख्यमंत्री को लिखित निवेदन भेजा है. यहां जारी बयान में सरयू राय ने कहा है कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज से डिमना लेक और पटमदा की ओर जाने वाली सड़क दलमा सेंक्चुरी क्षेत्र से होकर गुजरती है. सेंक्चुरी के नियमों के कारण इस सड़क का चौड़ीकरण कर पाना कठिन है. ऐसे में बढ़ते यातायात और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए फ्लाईओवर की तर्ज पर ऊपरी पथ का निर्माण ही सबसे व्यावहारिक समाधान होगा. उन्होंने बताया कि डिमना चौक से एमजीएम मेडिकल कॉलेज तक फोरलेन सड़क निर्माण का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है. (नीचे भी पढ़ें)

इसका निर्माण पथ निर्माण विभाग करेगा। डीपीआर में आवश्यक संशोधन तथा टाटा स्टील से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त होने के बाद इस परियोजना पर काम शुरू होगा. हालांकि एमजीएम मेडिकल कॉलेज के आगे डिमना लेक और पटमदा की ओर जाने वाली सड़क काफी संकरी है, जिसके कारण यह क्षेत्र दुर्घटना संभावित बन गया है. सरयू राय ने सुझाव दिया है कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज से डिमना लेक के पहले किसी उपयुक्त स्थान तक फ्लाईओवर का निर्माण कराया जाए. उन्होंने कहा कि डिमना लेक लगातार पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है. ऐसे में इस मार्ग पर यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए जिस प्रकार एनएच-33 पर ऊपरी पथ का निर्माण किया जा रहा है, उसी तर्ज पर यहां भी एलिवेटेड रोड बनाई जानी चाहिए. उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव को लेकर उनकी पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों से भी बातचीत हुई है. अधिकारियों ने उन्हें बताया कि इस परियोजना में कोई विशेष तकनीकी अड़चन नहीं है और वन विभाग से अनुमति मिलने में भी कोई कठिनाई नहीं होगी. सरयू राय का कहना है कि इस ऊपरी पथ के निर्माण से पटमदा, बोड़ाम और कटिंग क्षेत्र से आने-जाने वाले लोगों की यात्रा अधिक सुगम होगी. साथ ही जमशेदपुर के लोगों को दुर्घटनामुक्त और सुरक्षित सफर की सुविधा मिलेगी. इसके अलावा जमशेदपुर से पुरुलिया जाने वाले यात्रियों के लिए भी आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान और सुचारु हो जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)
आमबागान मैदान का सौंदर्यीकरण करने की मांग
जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने शहर के आमबागान मैदान के सौंदर्यीकरण की मांग करते हुए इसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृतियों से जुड़े एक महत्वपूर्ण स्मारक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का आग्रह किया है. इस संबंध में उन्होंने टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट कॉरपोरेट सर्विसेज (वीपीसीएस) तथा पूर्वी सिंहभूम के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध किया है. सरयू राय ने कहा कि आमबागान शहर का हृदयस्थल है. वर्ष 2014 से 2019 के दौरान मंत्री रहते हुए उन्होंने आमबागान का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक मैदान करने का प्रस्ताव भेजा था. इस विषय पर शहर के नागरिकों की बैठक भी आयोजित की गई थी. इसके बाद योजना को स्वीकृति मिली और तत्कालीन जुस्को ने इसके विकास का कार्य भी प्रारंभ कर दिया था। लेकिन वर्ष 2019 के बाद यह कार्य अधूरा रह गया और आगे नहीं बढ़ सका. उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस मैदान की स्थिति चिंताजनक है. यह कबाड़ रखने के स्थल और अनाधिकृत पार्किंग स्थल में तब्दील होता जा रहा है. मैदान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित है, लेकिन प्रतिमा के आसपास भी कबाड़ फैला रहता है, जो शहर की गरिमा और नेताजी के सम्मान के अनुरूप नहीं है. सरयू राय ने बताया कि लगभग आठ माह पहले उन्होंने टाटा स्टील के वीपीसीएस से इस विषय पर विस्तार से चर्चा की थी. उस समय टाटा स्टील ने मैदान के सौंदर्यीकरण के लिए सिद्धांततः सहमति भी दी थी. इसी क्रम में तत्कालीन जिलाधिकारी से भी उनकी बातचीत हुई थी और उन्होंने हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया था. बावजूद इसके, यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी. उन्होंने एक बार फिर टाटा स्टील के वीपीसीएस और पूर्वी सिंहभूम के जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि आमबागान मैदान के सौंदर्यीकरण का कार्य अविलंब प्रारंभ कराया जाए. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने सुझाव दिया कि इस स्थल पर आजादी की लड़ाई से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के रहस्यमय ढंग से लापता होने तक की महत्वपूर्ण घटनाओं को आधुनिक ऑडियो-विजुअल माध्यम से प्रदर्शित किया जाए, ताकि नई पीढ़ी नेताजी के जीवन, संघर्ष और योगदान को बेहतर ढंग से जान सके. सरयू राय ने कहा कि यदि इस मैदान को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए और यहां नेताजी से जुड़ी स्मृतियों को संरक्षित किया जाए, तो यह न केवल शहर की ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि जमशेदपुर का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र भी बन सकता है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने टाटा स्टील के वीपीसीएस तथा पूर्वी सिंहभूम के जिलाधिकारी को औपचारिक पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.




