जमशेदपुर : सेंट्रल ट्रेड यूनियन के संयुक्त मंच द्वारा पूर्व निर्धारित जेल भरो आंदोलन का कार्यक्रम पूरे उत्साह और एकता के साथ संपन्न हुआ. कार्यक्रम का नेतृत्व जिला संयोजक विश्वजीत देव के नेतृत्व में हुआ. इसके एटक के साथियों का नेतृत्व हीरा अरकने ने किया. एटक, सीटू, एसयूसीआई, बीएसएस आर यूनियन, ऑल इंडिया खेत मजदूर किसान यूनियन और एआईएसएफ के कार्यकर्त्ताओं को जुलूस झंडे डंडे के साथ केंद्र सरकार के नीतियों के खिलाफ नारे लगाते हुए साकची आम बगान मैदान से बिरसा चौक साकची पहुंचा. जुलूस में भारी संख्या में ग्रामीण खेत मजदूर महिलाएं पटमदा और बोड़ाम से शामिल हुई. (नीचे भी पढ़ें)

साकची चौक दो घंटे से ज्यादा समय तक जम रखा गया. साकची में अफरा तफरी का माहौल बन गया. पुलिस आंदोलन कर रहे वामपंथी कार्यकर्ताओं को दूर से ही नज़र रखे हुए थी. कार्यक्रम की मुख्य मांग चार लेबर कोड को तत्काल वापस लेने, फिक्स्ड टर्म इंप्लायमेंट के नियम को समाप्त करने, किसानों को एमएसपी देने, वीबी ग्राम योजना, निजीकरण की नीति, स्थाई कार्यों को ठेका पद्धति को रद्द करने तथा सभी के लिये भोजन, आवास, रोजगार, शिक्षा एवं चिकित्सा की व्यवस्था, न्यूनतम मजदूरी के बढ़ोतरी, समान कम के लिए समान वेतन, शिक्षित रोजगारों को रोजगार, प्राइवेट बैंको का निजीकरण, मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा लागू करने की मांग को लेकर यह आंदोलन किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
यह कार्यक्रम पूरे देश में संयुक्त ट्रेड यूनियन के द्वारा आहूत था. इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सीटू के संजय कुमार, पीयूष कुमार गुप्ता, एटक के निगमानंद पॉल, सत्येंद्र सिंह, जफर खान, एआईएसएफ के विक्रम कर, राजू समद एवं रंजन कुमार यादव के अलावे अन्य वामपंथी संगठनों के अलावे बैंकों, एलआईसी, रेलवे, बीएसएनल के कर्मचारियों फेडरेशन का समर्थन भी इस कार्यक्रम को हासिल था.




