जमशेदपुर : जेपीएससी, जेएसएससी से जुड़े मामलों की निष्पक्ष सीबीआई जांच एवं छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर रांची में विधानसभा घेराव करने पहुंचे छात्रों के खिलाफ टियर गैस (आंसू गैस) का इस्तेमाल किए जाने पर भाजपा पूर्वी सिंहभूम के जिला प्रभारी सह पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. दिनेश कुमार ने कहा कि अपने हक और अधिकार की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से विधानसभा घेराव करने पहुंचे छात्रों पर टियर गैस का इस्तेमाल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है. सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए, न कि दमनात्मक कार्रवाई के जरिए उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जेपीएसएस, जेएसएससी से जुड़े मामलों को लेकर छात्रों के मन में जो सवाल और आशंकाएं हैं, उनका समाधान पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच से ही संभव है. (नीचे भी पढ़ें)

सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की दिशा में तत्काल पहल करनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आए और छात्रों का विश्वास बहाल हो. वहीं, पूर्व खादी बोर्ड सदस्य एवं वरिष्ठ भाजपा नेता कुलवंत सिंह बंटी ने रांची विधानसभा घेराव के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज एवं आंसू गैस छोड़े जाने की कड़ी निंदा करते हुए इसे हेमंत सरकार की दमनकारी और संवेदनहीन मानसिकता का प्रमाण बताया है. कुलवंत सिंह बंटी ने कहा कि 17 दिनों से बिना हिंसा और शांतिपूर्ण तरीके से अनशन कर रहे छात्र किसी से अभद्र व्यवहार नहीं कर रहे थे. वे सिर्फ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपना हक, न्याय और अपने भविष्य का जवाब मांग रहे थे. लेकिन सरकार ने उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर लाठियां बरसाईं और आंसू गैस छोड़ी. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने सरकार से सीधा सवाल करते हुए कहा कि झारखंड की जनता जानना चाहती है, छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया? गृह विभाग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास है, तो इस बर्बर कार्रवाई की जिम्मेदारी कौन लेगा और किसके निर्देश पर शांतिपूर्ण छात्रों पर पुलिस की ताकत का इस्तेमाल किया गया? मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को इसका जवाब देना होगा. कुलवंत सिंह बंटी ने कहा कि सरकार के पास यदि छात्रों की मांगों का जवाब नहीं था तो बातचीत करती, लेकिन लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं पर लाठी चलाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार सत्ता के अहंकार में यह भूल गई है कि ये छात्र झारखंड के भविष्य हैं. उनकी आवाज को लाठी और आंसू गैस के दम पर दबाया नहीं जा सकता. जितना दमन होगा, उतनी ही मजबूती से युवाओं की आवाज उठेगी.




