जमशेदपुर : जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र के कॉलोनी रोड नंबर-3 ब्लॉक संख्या 98/2/3 में 29 जुलाई को प्रेम प्रसंग को लेकर हुए विवाद में गंभीर रूप से घायल 28 वर्षीय आशीष कुमार की पटना के रूबन मेमोरियल अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. चिकित्सकीय प्रमाणपत्र में गंभीर चोटों और उससे उत्पन्न जटिलताओं का उल्लेख किया गया है. मौत के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया है और पुलिस जांच में कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने आने की उम्मीद है. आशीष मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र के सर्वोदय नगर देवीसराय का रहने वाला था. उसके पिता का नाम मोहन प्रसाद बताया गया है. जानकारी के अनुसार 29 जुलाई की सुबह बागबेड़ा स्थित एक मकान से शोर-शराबे की आवाज सुनाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची बागबेड़ा थाना पुलिस को आशीष घर के अंदर गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में मिला. पुलिस ने उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया. हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर उपचार के लिए पटना ले जाया गया, जहां रूबन मेमोरियल अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. (नीचे भी पढ़ें)
चिकित्सकीय प्रमाणपत्र में गंभीर चोटों का उल्लेख : पटना के रूबन मेमोरियल अस्पताल द्वारा जारी मृत्यु संबंधी चिकित्सा प्रमाणपत्र में कथित शारीरिक हमले से जुड़ी चोटों के साथ कई गंभीर चिकित्सकीय जटिलताओं का उल्लेख किया गया है. इसमें पेल्विक हड्डियों में फ्रैक्चर, फेफड़ों से संबंधित गंभीर समस्या, संक्रमण, गुर्दे की कार्यक्षमता प्रभावित होने तथा प्लेटलेट्स की संख्या कम होने जैसी स्थितियों का जिक्र है. मृत्यु के तरीके के संबंध में मामले को जांच लंबित रहने की स्थिति में दर्ज किया गया है. (नीचे भी पढ़ें)

प्रेम संबंध को लेकर विवाद की बात : प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना के पीछे प्रेम संबंध को लेकर विवाद की बात सामने आई है. बताया गया है कि आशीष का बागबेड़ा निवासी एक युवती के साथ करीब डेढ़ वर्ष से प्रेम संबंध था. आशीष के कथित बयान के अनुसार, युवती के कहने पर वह उसके साथ रह रहा था. बताया जाता है कि कुछ समय पहले आशीष के बाहर जाने के दौरान युवती पर कमरे से दो लाख रुपये नकद, स्कूटी और अन्य सामान लेकर चले जाने का आरोप लगाया गया था. बाद में युवती के फोन करने पर आशीष दोबारा जमशेदपुर आया था. इसके बाद ही विवाद की घटना सामने आई. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी. (नीचे भी पढ़ें)
परिजनों ने उठाए कई सवाल : आशीष की मौत के बाद उसके परिजनों ने मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच की मांग की है. परिजनों का कहना है कि आशीष के मोबाइल फोन में मौजूद बातचीत, बैंक लेन-देन, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर घटना की पूरी कड़ी सामने लाई जाए. उनका दावा है कि डिजिटल साक्ष्य घटना के वास्तविक कारण और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं.
पुलिस के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. चिकित्सकीय रिपोर्ट, पोस्टमार्टम, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस मामले में पुलिस युवती के पिता को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है.
आशीष की मौत के बाद अब पुलिस के सामने घटना के कारण, मारपीट में शामिल लोगों और पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने लाने की चुनौती है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय दस्तावेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.




