जमशेदपुर : पैगंबरे इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिवस ईद मिलादुन्नबी के पावन अवसर पर आगामी 26 अगस्त 2026 बुधवार को निकाले जाने वाले 18वें मुतहिदा जुलूस-ए-मोहम्मदी (संयुक्त जुलूस-ए-मोहम्मदी) की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. जुलूस में अनुशासन, शांति और मर्यादा बनाए रखने के लिए तंजीम अहले सुन्नत जमात की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं. जुलूस में अधिक से अधिक संख्या में अकीदतमंदों से शामिल होने की अपील की गई है. इसके लिए शहर के विभिन्न इलाकों में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है. उक्त जानकारी धतकीडीह स्थित मदरसा फैजुल उलूम में तंजीम अहले सुन्नत जमात के उलेमा-ए-कराम द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता में दी गई. इस अवसर पर तंजीम के जनरल सेक्रेटरी एवं प्रसिद्ध इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती जियाउल मुस्तफा कादरी ने बताया कि इस वर्ष पैगंबर-ए-इंसानियत हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को दुनिया में तशरीफ लाए हुए 1501 वर्ष पूरे हो रहे हैं. इस अवसर पर नबी-ए-पाक की शान में भव्य एवं शानदार 18वां मुत्तहिदा जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाएगा. उन्होंने बताया कि जुलूस में अमन, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम देने वाली हदीसों, इस्लाम की शिक्षाओं से जुड़े संदेशों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा. शहर की मस्जिदों, मदरसों एवं गली-मोहल्लों में नबी-ए-पाक की शान में बैनर लगाए गए हैं तथा आकर्षक सजावट की गई है. प्रेसवार्ता में लोगों से अपील की गई कि जुलूस के दौरान खाना और तोहफे बांटने के साथ-साथ शिक्षा से जुड़ी सामग्री, किताबें को वितरित की जाएं, ताकि समाज में शिक्षा के संदेश को बढ़ावा मिल सके. जुलूस का नेतृत्व उलेमा-ए-कराम करेंगे और उनके पीछे अकीदतमंद अनुशासित तरीके से जुलूस में शामिल होंगे. जुलूस की व्यवस्था एवं यातायात नियंत्रण में सहयोग के लिए 500 से अधिक वॉलेंटियर तैनात किए जाएंगे, जो सेफ्टी टी-शर्ट एवं आईडी कार्ड के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे. वॉलेंटियर यह सुनिश्चित करेंगे कि जुलूस के कारण आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. साथ ही एम्बुलेंस एवं अन्य जरूरी वाहनों के लिए रास्ता तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)
तंजीम की ओर से जुलूस में शामिल सभी लोगों से अपील की गई है कि जुलूस की पवित्रता, अनुशासन एवं मर्यादा बनाए रखें तथा जुलूस में गैर शरई कामों यहां तक की नकली तलवार आदि के प्रदर्शन पर भी रोक लगा दी गई है. जुलूस का उद्देश्य पूरी दुनिया को अमन, भाईचारे, इंसानियत, शिक्षा का संदेश देना है. तंजीम अहले सुन्नत जमात ने शहरवासियों से अपील की है कि सभी लोग आपसी सौहार्द, शांति और भाईचारे के साथ जुलूस को सफल बनाएं तथा जुलूस-ए-मोहम्मदी को अनुशासन और गरिमा के साथ ऐतिहासिक एवं यादगार बनाएं. करेंगे. प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से मुफ्ती जियाउल मुस्तफा कादरी, मौलाना बुरहानुल होदा, मौलाना शमशादुल कादरी, मौलाना कलीमुद्दीन उपस्थित थे. (नीचे भी पढ़ें)
तंजीम अहले सुन्नत जमात के द्वारा जारी दिशा निर्देश :
- 500 से अधिक वोलेंटियर (सेफ्टी टी शर्ट और आईडी कार्ड) जुलूस और यातायात व्यवस्था में सहयोग करेंगे. दूसरों को तकलीफ नहीं हो इसका ख्याल रखेंगे, एम्बुलेंस और जरूरी गाड़ियों के लिए रास्ता तुरंत छोड़ा जाएगा.
- तंजीम के अध्यक्ष ने लोगों से अपील की है के बाइक, छोटी गाड़ियां जुलूस के पैछे रहेंगे.
- जुलूस में सबसे आगे उलेमा-ए-करमा रहेंगे उसके पीछे आवाम रहेगी.
- मानगो गांधी मैदान के पास रोड नं 1 के सामने बैरियर लगाया जायेगा.
- जुलूस-ए मोहम्मदी में शामिल उलेमा-ए-करमा मानगो साकची के नर्सिंग होम, एमजीएम अस्पताल, एमटीएमएच में भर्ती मरीजों की बेहतर स्वास्थ्य के लिए दुआ करेंगे.
- छोटी गाड़ियों जुलूस के समाप्ति के बाद एम2 गोलचकर से मुड़ कर जिस रास्ते से जुलूस आई है वापस उसी रास्ते से अपने स्थानों पर जाएगी.
- 26 अगस्त 2026, बुधवार को सुबह 8:30 बजे के बाद जुलूस-ए-मोहम्मदी मानगो गांधी मैदान से शुरू करने का निर्णय लिया गया है. मानगो में रहने वाले तमाम लोगों से अपील की गई कि वह गांधी मैदान में दिए गए समय पर पहुंच जाएं ताकि जुलूस वहां से रवाना किया जा सके, 12:00 बजे साकची आमबागान मैदान में उलेमा-ए-कराम की तकरीर के बाद जुलूस सकची गोलचककर से बढ़कर स्टेट माइल रोड, जुस्को ऑफिस गोलचकर से होते हुए सीधा धातकीडीह सेंटर मैदान पहुंचेगा जहां उलेमा ए कराम की तकरीर, सलातो सलाम, दुआ के बाद दोपहर 2:30 बजे जुलूस का समापन होगा.
- परसुडीह. मगदमपुर, जुगसलाई के जुलुस बिस्तुपुर मुखे रोड से होते हुए धातकीडीह के तरफ पहुंचेंगे. टेल्को, गोलमुरी, साक्ची शास्त्री नगर, सोनरी, धतकीडीह, बिष्टुपुर, रामदास भट्टा, न्यू रानी कुदर के जुलुस सीधे आमबगान मैदान में जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल होंगे.
- ईद मिलादुन्नबी के मौके पर धतकीडीह की मक्का मस्जिद में जोहार की नमाज की दो जमात होंगी. पहली जमात दोपहर 1.00 बजे और दूसरी जमात दोपहर 3:00 बजे होगी।
- पैगंबरे इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम के जन्मदिन ‘ईद मिलादुन नबी के शुभअवसर आम छुट्टी रखें और खुशियों का इजहार करें.
- ईद मिलादुन नबी के दिन मुस्लिम समाज के लोग अपने कारोबार और दुकान को बंद रखें.
- जो लोग मोटरसाइकिल, छोटी गाड़ियों को लेकर जुलूस में शामिल हो रहे हैं वह तमाम गाड़ियों को पैदल चलने वाले आवाम के पीछे रखेंगे और आगे आने का प्रयास नहीं करेंगे. नौजवानों को शक्ति के साथ मना किया रहा है की मोटरसाइकिल से स्टंट वगैरा ना करें और मोटरसाइकिल पर दो ही लोग सवार होकर.
- जुलूस में शामिल होने वाले सभी लोगों से गुजारिश है कि 13. जिन बैनरों पर अल्लाह और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का नाम लिखा होता है, उनका पूरा सम्मान करें. उन पर बिल्कुल न बैठें और न ही उन्हें इधर-दिए गए रूट पर ही अपने गाड़ियों को जुलूस के साथ आगे बढ़ाएंगे.
- जुलूस में जो लोग लंगर या खाने-पीने का सामान बांट रहे हैं, वे ध्यान रखें कि कोई भी चीज़ सड़क पर न गिरे और न ही बर्बाद हो। खाने-पीने की चीज़ों को पूरे अदब और सम्मान के साथ बांटें।
- बहुत तेज़ आवाज़ में साउंड सिस्टम न बजाएं। जुलूस के दौरान नाचना, स्टंट करना या कोई भी अनुचित हरकत करना बिल्कुल गलत है। ऐसी हरकतें करने से सवाब (पुण्य) मिलने के बजाय गुनाह होगा.
- तंजीम के जानिब से जुलूस में शामिल अकीदतमंदों के लिए धतकीडीह समुदायिक मैदान में जुलूस के समापन के बाद लंगर की व्यवस्था की गई है.




