चाकुलिया: चाकुलिया प्रखंड की भातकुंडा पंचायत के सुनसुनिया जंगल में जोहार भारत फाउंडेशन महासमिति के तत्वावधान में रक्षा बंधन कार्यक्रम आयोजित हुआ. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में चाकुलिया थाना प्रभारी राजेश कुमार और विशिष्ट अतिथि के रूप में घाटशिला की जिला परिषद सदस्य देवयानी मुर्मू और जमशेदपुर की विजया लक्ष्मी उपस्थित थे. मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि थाना प्रभारी राजेश कुमार ने कहा कि वन सुरक्षा समिति और जोहार भारत फाउंडेशन के सभी सदस्य वन बचाओं अभियान के तहत जंगल संरक्षण करने का कार्य कर रहे हैं जो काफी सराहनीय कार्य है. नीचे भी पढ़े)
कहा की जंगल से जीवन का क्या महत्व है किसी को बताने की जरूरत नहीं है. जंगल है तो हम है जंगल ही जीवन है. आज सभी प्रण ले की अपने अपने घर में बच्चें के जन्म पर कम से कम एक पेड़ लगाएं और क्षेत्र में जंगल के महत्व की जानकारी देकर लोगों को जागरूक करें और पौधा रोपण करने के प्रति लोगों को प्रेरित करें, तभी जंगल का संरक्षण संभव है. उन्होंने कहा कि पेड़ बच्चों की तरह आपकी पहचान बनेगा. जंगल के प्रति प्रेम रखें और जंगल का संरक्षण करें. जंगल ही जीवन है और यह झारखंड की पहचान है.(नीचे भी पढ़े)
जंगल हमें बहत कुछ देती है हमें भी जंगल के प्रति समर्पित रहना होगा : जिप सदस्य देवयानी मुर्मू
मौके पर घाटशिला की जिप सदस्य देवयानी मुर्मू ने कहा कि जमुना टुडू ने बेड़ाडीह जैसे छोटे गांव से निकलकर जंगल संरक्षण करने का बिड़ाया उठाया सराहनीय कार्य है. कहा की जीवन में काम ऐसा करें की इतिहास बने. जंगल से छेड़छाड़ होने के कारण आज जंगल के जीव जंगल से बाहर आकर उपद्रव मचा रहे हैं. जंगल से जीवन को बहत कुछ मिलता है और जंगल हमें बहत कुछ देता है जंगल के संरक्षण के लिए हमें भी समर्पित रहना होगा तभी जंगल का संरक्षण होगा. कहा की जंगल ही जीवन है जंगल है तो हम है. उन्होंने कहा कि जमुना टुडू ने काफी संघर्ष कर इस मुकाम तक पहुंची है सभी उनसे प्रेरणा लें और जंगल संरक्षण करने में अपनी भुमिका निभाएं. (नीचे भी पढ़े)

साल पेड़ हमारे भाई है और आज पेड़ पर राखी बांधकर संरक्षण करने का लिया संकल्प पद्मश्री जमुना टुडू
मौके पर पद्मश्री जमुना टुडू ने कहा कि भाई के तर्ज पर पेड़ को भाई मानकर रक्षा सूत्र बांधकर पेड़ों की दीर्घायु की कामना की और जंगल संरक्षण करने का संकल्प ली है. कहा की जंगल संरक्षण होगा तो जंगल के साथ साथ पशु पक्षी और जीव जंतु का भी संरक्षण होगा. जंगल हमारी जीवन को संरक्षण करने का काम करते है तो हम सभी का भी दायित्व है कि जंगल का संरक्षण करें. उन्होंने कहा कि हर शुभ कार्य के अवसर पर पेड़ लगाएं. जंगल ही जीवन है जंगल है तो हम है. उन्होंने कहा कि आज जंगल की कटाई होने के कारण क्षेत्र से जंगल समाप्त हो रहे है और प्राकृतिक संपदा विलुप्त हो रही है. जंगल के विनाश होने से आज जंगल के जीव भोजन पानी की तलाश में जंगल से निकलकर गांव की और रूख कर रहें हैं जिससे आमजन जीवन भी प्रभावित हो रहा है. उन्होंने लोगों से अपील कि की सभी जंगल का संरक्षण करें तभी जीवन सुरक्षित होगा. कार्यक्रम के पूर्व सभी अतिथियों को पत्ते से निर्मित टोपी पहनाकर और परंपरागत नृत्य के साथ सभी का भव्य स्वागत किया गया. कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने पौधरोपण किया और मादर और धमसे की थाप पर परंपरागत नृत्य किया और सभी ने जंगल को सुरक्षा करने का शपथ लिया. इस अवसर पर एसआई पितांबर मंडल, सेवानिवृत्त शिक्षक रामस्वरूप यादव, राजीव महापात्र, मानसिंह टुडू, जमुना गोप, चन्द्रमोहन मांडी, सुमित्रा महतो, माधवी महतो, मंजू महतो, मालती टुडू, लिलावती दास, मालती महतो, बिंदु महतो, हेमावती महतो, पुर्णेन्दु महतो, निमाई हांसदा,अप्पू दास समेत अन्य उपस्थित थे.







