जमशेदपुर : जमशेदपुर जिला बार संघ के भवन के द्वितीय तले पर टेबल नंबर 20 पर एक आवश्यक बैठक हुई. इस बैठक की अध्यक्षता अधिवक्ता विनोद कुमार मिश्रा ने किया. उन्होंने बताया कि पुराने कोर्ट परिसर में बार भवन के अंदर अधिवक्ता श्रीराम दुबे स्वयं एक टेबल, जो कोने में है, वहां पर बैठे हुए सभी अधिवक्ताओं को बाहर कर दिए और काफी संख्या में अधिवक्ताओं के बैठने का कुर्सी रखे हुए हैं. परेशान अधिवक्तागण अपना रोज का कार्य निष्पादित करने के लिए पुराने को परिसर में बाहर झोपड़ीनुमा जगह पर बैठकर अपना कार्य करते हैं. उनके साथ उनके सहयोगी नोटरी, पब्लिक टाइपिस्ट, वेंडर्स चाय बनाने वाले, भुजा बेचने वाले आदि लोग अपना कार्य करते हैं. श्रीराम दुबे ने उन सभी बाहर बैठे हुए लोगों पर अवैध रूप से अतिक्रमण करने का आरोप लगाते हुए झारखंड उच्च न्यायालय में पीटिशन दाखिल किया. इसमें 9 जुलाई को उच्च न्यायालय ने यह कहकर खारिज कर दिया कि यह सब काम देखने के लिए उपायुक्त अधिकृत है. (नीचे भी पढ़ें)
उसके बाद श्रीराम दुबे ने पुनः एलपीए झारखंड उच्च न्यायालय के डबल बेंच में दाखिल किया. इसमें 21 सितंबर को उपायुक्त द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार कहा गया कि वहां अस्थाई रूप से किसी तरह का अतिक्रमण नहीं है. वहां रोज का काम निष्पादित करने के लिए लोग अपना झोपड़ीनुमा जगह बनाकर बैठते हैं और एक कमेटी का गठन किया गया. इसमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला बार संघ के अध्यक्ष समिति का सदस्य रहेंगे और उनके देखरेख में सारे अधिवक्ताओं नोटरी पब्लिक, टाइपिस्ट, वेंडर्स और रोज कमाने वाले लोगों की सुनिश्चित व्यवस्था की जाएगी. इसके बाद उक्त याचिका को डिस्पोज कर दिया गया. मुख्य रूप से इस बैठक में अधिवक्ता अक्षय कुमार झा, ओमप्रकाश मिश्रा, अमित कुमार, मनोज भूषण प्रसाद, अरुण बहादुर के साथ-साथ कई अधिवक्ता मौजूद थे.




