जमशेदपुर : विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान के मार्गदर्शन में आज ‘नमामि भारत’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसके तहत आज ठीक सुबह 11 बजे सामूहिक वंदे मातरम गायन संपन्न हुआ. मुख्य कार्यक्रम का आयोजन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बागबेड़ा के परिसर में किया गया. (नीचे भी पढ़ें)

कविता परमार ने किया उद्घाटन, पंडित दीनदयाल उपाध्याय को किया याद : इस गरिमामयी कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन विद्यालय की अध्यक्षा सह जिला पार्षद कविता परमार के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया. इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए वंदे मातरम गीत के ऐतिहासिक महत्व, स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका और राष्ट्रीय गौरव के बारे में विस्तार से बताया. इसके साथ ही उन्होंने एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती (25 सितंबर) के अवसर पर उनके जीवन-संघर्ष और देश के प्रति उनके अमूल्य कार्यों के बारे में भी भैया-बहनों को महत्वपूर्ण जानकारी दी और उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया. (नीचे भी पढ़ें)

केपीएस कदमा और मानगो समेत 22 स्कूलों के 10,000 लोग बने साक्षी : ‘नमामि भारत’ अभियान के तहत सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बागबेड़ा ने न केवल अपने परिसर में बल्कि क्षेत्र के 22 अलग-अलग विद्यालयों में भी इस सामूहिक राष्ट्रगीत गायन के कार्यक्रम को एक साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराया. इन स्कूलों में मुख्य रूप से के पी एस कदमा, के पी एस मानगो, श्रीकृष्णा पब्लिक स्कूल और जेवियर स्कूल शामिल रहे. इस राष्ट्रव्यापी भावना से जुड़े महाअभियान में कुल मिलाकर 10,000 से अधिक छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने एक सुर और एक लय में वंदे मातरम का गायन कर राष्ट्रभक्ति का अनूठा उदाहरण पेश किया. (नीचे भी पढ़ें)
जन-जन तक राष्ट्रीय गीत का गौरव पहुंचाना था उद्देश्य : आयोजकों के अनुसार, इस भव्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय गीत के गौरव को जन-जन तक पहुंचाना और नई पीढ़ी के भीतर अपनी संस्कृति, मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना था. ‘एक स्वर, एक संकल्प, एक भारत’ के इस नारे के साथ आयोजित हुए इस कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को देशभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया.




