जमशेदपुर : सोमवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर के साकची स्थित जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस-वार्ता को संबोधित करते हुए झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी एवं कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लंबे समय से चुनावी राजनीति में लगातार जनसमर्थन खो रही कांग्रेस अब अपनी राजनीतिक विफलताओं का ठीकरा चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर फोड़ने का प्रयास कर रही है. अभय सिंह ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने राजनीतिक इतिहास और लगातार मिल रही चुनावी असफलताओं पर आत्ममंथन करना चाहिए. बिहार में कांग्रेस की सरकार मार्च 1990 के बाद सत्ता से बाहर हुई और उसके बाद राज्य में कांग्रेस की सरकार नहीं बनी. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, बंगाल, ओडिशा, त्रिपुरा, गोवा, नागालैंड, सिक्किम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और कई अन्य राज्यों में भी कांग्रेस कई दशकों से सत्ता से बाहर है. ऐसे में हर चुनाव के बाद ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाना जनता के जनादेश पर सवाल खड़ा करने जैसा है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चुनाव में गड़बड़ी का दावा किया जा रहा है तो पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के सहयोगी वाम दलों ने जब लंबे समय तक सत्ता संभाली और बाद में सत्ता परिवर्तन हुआ, तब कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर ऐसे वोट चोरी के के सवाल क्यों नहीं उठाए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का परिवर्तन जनता के मत से होता है और राजनीतिक दलों को जनादेश को स्वीकार करने की लोकतांत्रिक परंपरा का सम्मान करना चाहिए. अभय सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है, जिसका दायित्व देश में लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा सहित विभिन्न चुनावों का संचालन करना है. वर्तमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किया था. उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एमएस गिल का उदाहरण दिया. श्री गिल 1996 से 2001 तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त रहे और बाद में कांग्रेस के टिकट पर पंजाब से राज्यसभा पहुंचे तथा 2008 में तत्कालीन केंद्र सरकार में केंद्रीय मंत्री भी बने. अभय सिंह ने कहा कि कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि संवैधानिक पद से सेवानिवृत्त होने के बाद किसी पूर्व निर्वाचन आयुक्त का कांग्रेस से जुड़कर सक्रिय राजनीति में जाना और मंत्री बनना क्या उस समय चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल नहीं खड़ा करता था? उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस जिस प्रकार चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है, उसे अपने अतीत को भी जनता के सामने रखना चाहिए.(नीचे भी पढ़े)
एसआइआर में सहयोग करे कांग्रेस, राजनीति नहीं: प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर किसी राजनीतिक दल के खिलाफ अभियान नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाने की चुनावी प्रक्रिया है. चुनाव आयोग के अनुसार बिहार में एसआइआर के दौरान सभी राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों की भी भागीदारी रही और पुराने तथा प्रारूप मतदाता सूची के बीच अंतर की जानकारी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गई थी. उन्होंने कांग्रेस से कहा कि यदि किसी वास्तविक मतदाता का नाम छूटा है तो उसके बूथ लेवल एजेंटों को तथ्यात्मक विवरण के साथ निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दर्ज करानी चाहिए. मृत व्यक्तियों, स्थानांतरित मतदाताओं अथवा एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों की पहचान होने पर उसे नियमानुसार हटाने की प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए. अभय सिंह ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना लोकतंत्र को मजबूत करने की प्रक्रिया है, इसे राजनीतिक विवाद का विषय बनाकर जनता को भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए..(नीचे भी पढ़े)
घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस से मांगा जवाब: उन्होंने बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठ के आरोपों को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि झारखंड के सीमावर्ती एवं विभिन्न जिलों में अवैध घुसपैठ और संदिग्ध नागरिकता से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, कोल्हान सहित राज्य के अन्य क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की नागरिकता अथवा मतदाता पहचान को लेकर संदेह है तो उसकी जांच कानून के तहत होनी चाहिए. अभय सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान पूर्वी विधानसभा के गोलमुरी क्षेत्र में तीन अफगानी नागरिकों से जुड़े वोटर आईडी कार्ड मिलने और इस मामले की जांच का भी उल्लेख किया. उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि अफगानी नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने जैसी शिकायतों पर कांग्रेस के नेता चुप क्यों हैं, यह सच्चाई तो एसआइआर प्रकिया से ही सामने आई है. अभय सिंह ने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि निर्वाचन प्रक्रिया में वास्तविक गड़बड़ियां सामने आती हैं तो उन्हें दूर करने में वह चुनाव आयोग और प्रशासन का सहयोग करेगी या केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहेगी..(नीचे भी पढ़े)
जनता के फैसले को स्वीकार करे कांग्रेस: अभय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को लगातार मिल रहे जनसमर्थन के बाद कांग्रेस के पास अपनी राजनीतिक रणनीति और संगठन की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग पर आरोप लगाने का रास्ता बचा है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च है और चुनाव में जीत-हार का अंतिम निर्णय मतदाता करते हैं. उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को हर चुनाव के बाद नए बहाने तलाशने के बजाय जनता के बीच जाकर अपने संगठन और नीतियों पर काम करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि जब जनता कांग्रेस को लगातार नकारती है तो कांग्रेस अपनी हार की समीक्षा करने के बजाय चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल उठाने लगती है. यह लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा करने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के पक्ष में है तथा मतदाता सूची के शुद्धिकरण से लेकर चुनाव संचालन तक हर वैधानिक प्रक्रिया में सहयोग करेगी. अभय सिंह ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उसके पास वोट चोरी या मतदाता सूची में किसी गंभीर अनियमितता का प्रमाण है तो वह उसे तथ्यों और दस्तावेजों के साथ संबंधित संवैधानिक संस्था के समक्ष रखे. सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी और आरोपों के आधार पर जनता के जनादेश को कठघरे में खड़ा करना स्वीकार्य नहीं हो सकता. कांग्रेस सिर्फ लोगों को भ्रमित कर अपनी खोई राजनीतिक जमीन तलाश कर रही है. प्रेस वार्ता में भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, जिला मीडिया प्रभारी प्रेम झा एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अंजन सरकार भी मौजूद रहे.




