जमशेदपुर:श्री राजस्थान शिवमंदिर जुगसलाई में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर सर्वप्रथम व्यासपीठ की आरती पूजा और सम्मान शिवमंदिर जुगसलाई के अध्यक्ष छीतरमल धूत एवं यजमान मुरलीधर मुकेश शर्मा के परिवार के द्वारा की गयी. चौथे दिन कथा प्रसंग वामन अवतार, रामजन्म एवं कृष्ण जन्म के संबंध में अपना व्याख्यान प्रारंभ करने से पहले व्यासपीठ से मंगलाचरण हुआ
. आचार्य विनय कांत त्रिपाठी ने कहा कि जो घर छोड़कर जाता है उसमें जरूर कोई ठाकुर जी की कृपा होती है, सत्य कुछ समय के लिए परेशान हो सकता है किंतु पराजित नहीं हो सकता है. व्यासपीठ से भक्त प्रहलाद एवं गज ओर ग्राह की मार्मिक कथा प्रसंग का वर्णन किया गया कि कैसे भगवान अपने भक्त की पुकार सुनते ही दौडे़ चले आते हैं और भक्त की रक्षा करते हैं, परहित सरस धर्म नहीं नहीं भाई पर पीरा सम नहीं अधराई का महत्व बताया गया, आचार्य ने कहा कि विपत्ति के समय सब आपका साथ छोड़कर चले जाते हैं किंतु भगवान् सदैव आपके साथ ही रहते हैं. अन्न के अपमान करने पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए. महाराज ने अपने संदेश में कहा की अन्न की बरबादी बंद करे, उतना ही लो थाली में जो व्यर्थ न जाए नाली में, अन्नपूर्णा भगवान शंकर की प्राण वल्लभा है, जो फायदा जीवन में छोटा बनने में है वह बड़ा बनने में नहीं है. आज महाराज ने समुद्र मंथन की कथा प्रसंग पर भी प्रकाश डाला,अकाल मृत्यु के भय से, जटिल रोग से निदान के लिए महामृत्युंजय स्तोत्र मंत्र के जाप किये जाने के अत्यंत लाभकारी फायदे के बारे में उदाहरण देते हुए बताया. (नीचे भी पढ़े)

इस संबंध में भगवान हनुमान की शरण में जाकर आराधना करना एवं लगूंल स्तोत्र मंत्र के जाप करने की महता को रेखांकित किया. जन्म दिवस पर मोमबत्ती वो भी फूंक कर नहीं बुझायें बल्कि जीवन में प्रकाश प्राप्त करने के लिए भगवान के सामने दीप प्रज्ज्वलित करें वृक्ष लगायें.आज के कथा प्रसंग पर भगवान वामन अवतार ओर उनकी कथा के साथ राजा बली की कथा अत्यंत विस्तार से कही गयी, भक्तों को भाव विभोर करने के साथ भगवान् श्री राम एवं भगवान् श्री कृष्ण के जन्म के संबध में विस्तार से कथा प्रसंग पर उदबोधन देने के साथ भगवान् श्री राम कृष्ण का जन्म मनाया गया. भगवान वामन, एवं राम कृष्ण के जन्म को आकर्षक झाकियों के साथ प्रस्तुत किया गया, खुशियां मनायी गयी व खूब मिठाईयां बांटी गयी.आज व्यासपीठ से आचार्य श्री विनय कांत त्रिपाठी के हाथों से पौधरोपण भी किया गया. आज का प्रसाद वितरण छीतरमल धूत परिवार की ओर से किया गया.इस अवसर पर छीतरमल धूत, अरुण अग्रवाल, दीपक अग्रवाल रामूका, सांवर लाल शर्मा, विश्वनाथ शर्मा,पवन काबरा, कमल किशोर अग्रवाल, पवन सिंगोदिया, श्याम सुंदर चौधरी, प्रमोद सराय वाला, सीताराम भरतिया, सुशील सर्वा, संजय गुप्ता मौजूद थे.इसके बाद पश्चात श्री टाटानगर गौशाला के द्वारा व्यासपीठ का सम्मान भी किया गया. इस मौके पर मुख्य यजमान राजकुमार दोदराजका सपत्नीक,राजकुमार गोयल, पवन शर्मा, विकासशर्मा, दीनदयाल कांवटिया, शंकर मितल, घनश्याम दास गढ़वाल, गणेश दायमा, किरण भाउका आदि मौजूद थे.







