जमशेदपुर: जमशेदपुर के बिस्टुपुर स्थित तुलसी भवन के प्रयाग कक्ष में ‘सृजन-सुगंध’साहित्यिक पत्रिका के विमोचन के साथ‘कलम की सुगंध झारखंड’ का सातवां स्थापना दिवस समारोह साहित्यिक गरिमा एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता तुलसी भवन के उपाध्यक्ष राम नंदन प्रसाद ने की. मुख्य अतिथि के रूप में तुलसी भवन के मानद महासचिव डॉ. प्रसेनजित तिवारी उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में ‘छंदमाल्य’की संस्थापिका प्रतिभा प्रसाद ‘कुमकुम’की गरिमामयी उपस्थिति रही.कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन तथा सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. सविता सिंह ‘मीरा’द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ. इसके पश्चात् वंदे मातरम् गीत प्रस्तुत किया गया. इस अवसर पर संस्था की ओर से मंचासीन अतिथियों का स्वागत, अभिनंदन एवं सम्मान किया गया. इसके पश्चात् संस्था की अध्यक्ष आरती श्रीवास्तव ‘विपुला’ने स्वागत भाषण के माध्यम से अपने उद्गार व्यक्त करते हुए उपस्थित अतिथियों एवं सदस्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की. उन्होंने कहा, “हमारा संकल्प केवल लिखना नहीं, बल्कि ऐसे साहित्य की रचना करना है, जो समाज में संवेदना जगाए, नई पीढ़ी को प्रेरणा दे तथा भाषा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों को समृद्ध करे.”इसके पश्चात् संस्था की साहित्यिक पत्रिका‘सृजन-सुगंध’ का विमोचन किया गया. इस अवसर पर सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ. रागिनी भूषण, डॉ. मुदिता चंद्रा एवं डॉ. जूही समर्पिता की मंच पर गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया. स्थापना दिवस के अवसर पर साहित्यिक प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया.(नीचे भी पढ़े)

प्रतियोगिता के विषय‘आने वाली पीढ़ी में भारतीय संस्कार’तथा‘देश को आगे बढ़ाने में हमारा योगदान’रहे. साहित्यकारों ने दोनों विषयों पर उत्साहपूर्वक अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं. उत्कृष्ट रचनाकारों को ‘कलम गौरव सृजन सम्मान–2026’से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के प्रथम सत्र का कुशल संचालन डॉ. रजनी रंजन ने किया.प्रसिद्ध साहित्यकार वसंत जमशेदपुरी एवं संतोष चौबे की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऊंचाई तक पहुंचाया.द्वितीय सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें संस्था के सदस्यों एवं आमंत्रित साहित्यकारों ने विविध विषयों पर अपनी मनोहारी एवं उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ किया. काव्य पाठ करने वाले कवि एवं कवयित्रियों में मनीषा सहाय ‘सुमन’,रश्मि सिन्हा, ‘सुदीप्ता जेठी राउत, डॉ. अनीता निधि, डॉ. आशा गुप्ता‘श्रेया’,रीना गुप्ता ‘श्रुति’,ममता कर्ण ‘मनस्वी’,पद्मा प्रसाद ‘विन्देश्वरी’,वंदना ‘केसर भारती’,संदीप सिंह ‘गौतम’,रीना सिन्हा ‘सलोनी’,शोभा किरण, डॉ. रजनी रंजन, स्मृति पांडेय चौबे, डॉ. निवेदिता श्रीवास्तव ‘गार्गी’,डॉ. सविता सिंह ‘मीरा’,अनिमा मिश्रा, पूनम सिंह ‘वत्सला’एवं नीलम पेडीवाल शामिल रहीं. सभी रचनाओं को उपस्थित श्रोताओं ने खूब सराहा. काव्य गोष्ठी का कुशल संचालन डॉ. निवेदिता श्रीवास्तव ‘गार्गी’एवं किरण कुमारी ‘वर्तनी’ने किया.अंत में डॉ. संध्या सिन्हा ने हृदयस्पर्शी धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, साहित्यकारों, संस्था के सदस्यों एवं उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया. आयोजन में रांची से सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं ‘श्री साहित्य कुंज’की संस्थापिका मनीषा सहाय ‘सुमन’तथा साहित्यकार रश्मि सिन्हा सहित जमशेदपुर शहर के अनेक प्रमुख साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे.




