रामगोपाल जेना,चाईबासा: झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देशानुसार और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डीएलएसए चाईबासा मोहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का आयोजन किया गया. झींकपानी संचार वृद्धाश्रम मे डालसा चाईबासा ने संवेदनाओं को ध्यान रखते हुए सचिव रवि चौधरी के नेतृत्व में वहां आवासित बुजुर्ग महिलाओं औऱ पुरुषों के सम्मान और संरक्षण में सहभागिता की. सचिव सहित डालसा के पारा लीगल वालंटियर्स ने उनके साथ समय बिताया, खुशियां बांटी और उनके लिए वस्त्र और भोजन आदि भी भेंट स्वरुप प्रदान किया. इस दौरान जिला प्रशासन के सहयोग से स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन भी किया गया, सभी लोगों की जांच कर उन्हें दवा भी वितरित किये गये.(नीचे भी पढ़े)
सचिव श्री चौधरी ने बताया कि वैसे तो वरिष्ठजनों का सम्मान हर दिन, हर पल होना चाहिए. लेकिन उनके प्रति मन में छुपे इस सम्मान को व्यक्त करने एवं बुजुर्गों के प्रति चिंतन की आवश्यकता के लिए औपचारिक तौर पर यह दिन निश्चित किया गया है.अत: प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर का दिन अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के रूप में मनाया जाता है.उन्होंने कहा कि बुजुर्ग परिवार मे ईश्वर के स्वरुप हैं, जिनके आशीर्वाद से सबका पालन होता है, उनके प्रति मन में सम्मान और प्रेम होना स्वभाविक है. लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण होता है, उस अवस्था में उनके साथ होना, जब वे असहाय और अक्षम होते हैं. यही उनके प्रति हमारे प्रेम और सच्ची श्रद्धा है. (नीचे भी पढ़े)

उन्हें प्रेम के अलावा और कुछ नहीं चाहिए. इस दिन को पूरी तरह से बुजुर्गों के लिए समर्पित किया गया है.नालसा दिल्ली और झालसा रांची के निर्देश पर वृद्धाश्रमों में कई तरह के आयोजन किए जाते हैं, और उनकी खुशी व सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाता है. खास तौर से उनकी सुविधाओं और समस्याओं पर विचार किया जाता है, एवं उनके स्वास्थ्य के प्रति गंभीरता से ध्यान दिया जाता है.







