
जमशेदपुर : टाटा स्टील की अनुषंगी इकाई टिस्को ग्रोथ शॉप (टीजीएस) की अधीकृत यूनियन टिस्को मजदूर यूनियन में घमासान मचा हुआ है. अपने रिटायरमेंट के दो दिनों पहले यूनियन के महासचिव शिवलखन सिंह ने श्रम विभाग से अपनी अध्यक्षता वाली यूनियन को मान्यता दिलाते हुए रजिस्टर बी में दर्ज करा लिया, जिसकी सहमति का पत्र 28 अक्तूबर को श्रम विभाग ने जारी किया और रजिस्टर बी में दर्ज होने की सहमति दे दी. इसके बाद शिवलखन सिंह की कमेटी रेस हो गयी और यूनियन में शुक्रवार को शिवलखन सिंह कमेटी के महामंत्री नवीन कुमार के हस्ताक्षर से एक नोटिस चस्पा कर दिया कि वीजी गोपाल सेंटर में 31 अक्तूबर को कमेटी मीटिंग होगी, जिसमें सारे लोगों को बुलाया गया है. इस नोटिस को देखकर राकेश्वर पांडेय के खेमे के लोग गुस्से में आ गये और कमेटी मीटिंग के इस नोटिस को उखाड़कर फेंक दिया. इस मामले को एचआर के पास भेज दिया गया है. इस बीच शिवलखन सिंह ने रजिस्टर बी में दर्ज होने वाले दस्तावेजों के साथ ही अपना आवेदन भी दे दिया है, जिसमें उन्होंने उनकी अध्यक्षता वाली कमेटी को मंजूरी देने की मांग की है. हालांकि, अब तक एचआर विभाग ने इस पर फैसला नहीं लिया है. वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी के पास मामला गया हुआ है. (नीचे पढ़े पूरी खबर)
31 अक्तूबर को रिटायर होंगे शिवलखन सिंह और फिर होगा को-ऑप्सन
योजना के मुताबिक, 31 अक्तूबर को कमेटी मीटिंग बुलायी गयी है. शिवलखन सिंह 31 अक्तूबर तक टाटा स्टील के कर्मचारी के तौर पर काम करेंगे और यह अंतिम दिन होगा. इस कारण 31 अक्तूबर को वे कमेटी मीटिंग बुलाकर खुद का को-ऑप्सन करा लेना चाहते है ताकि जैसे ही वे रिटायर होंगे तो उनको बाहरी बताकर फिर कोई बाहर नहीं कर दें, इस कारण उनका को-ऑप्सन करा लिया जायेगा तो कोई आपत्ति दर्ज नहीं करा सकते है. आपको बता दें कि रिटायरमेंट के बाद या किसी भी बाहरी व्यक्ति को यूनियन में जगह देने के लिए को-ऑप्सन कराना जरूरी होता है. (नीचे पढ़े पूरी खबर)
रजिस्टर बी में दर्ज होने का यह है शिवलखन का दावं
आपको बता दें कि टाटा स्टील की अनुषंगी इकाई गम्हरिया स्थित टिस्को ग्रोथ शॉप की अधिकृत यूनियन टिस्को मजदूर यूनियन की शिवलखन सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी को श्रम विभाग ने मंजूरी दे दी है और रजिस्टर बी में उनकी कमिटी को दर्ज कर लिया है, जो यूनियन की सरकारी मान्यता मानी जाती है. रजिस्टर बी में दर्ज टिस्को मजदूर यूनियन की कमेटी को दर्ज करते हुए श्रम विभाग ने बताया है कि वर्ष 1976 में ही टिस्को मजदूर यूनियन की मान्यता दी गई थी लेकिन बिहार से अलग होने के बाद झारखंड में यूनियन का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया था. इसके बाद से टिस्को मजदूर यूनियन की मान्यता को समाप्त कर दी गई थी. इस बीच शिवलखन सिंह की अध्यक्षता में पिछले दिनों कमिटी बनाई गई थी, जिसको मंजूरी देने के लिए श्रम विभाग के पास भेजा गया था. इस कमेटी में अध्यक्ष शिव लखन सिंह, उपाध्यक्ष जीसी श्रीवास्तव, महासचिव नवीन कुमार, संयुक्त सचिव दिनेश चंद्र उपाध्याय, कोषाध्यक्ष दिलीप कुमार महतो और कमेटी मेंबर के तौर पर ओम प्रकाश पाठक, कौशल कुमार, रंजन कुमार और मिंटू पात्रा को जगह दी गई है. (नीचे पढ़े पूरी खबर)
इससे पहले भी कमेटी को लेकर उठा था विवाद, मैनेजमेंट ने कर दिया था हस्तक्षेप
आपको बता दें कि पिछले दिनों ही इस कमेटी का गठन शिव लखन सिंह ने किया था जिस पर मैनेजमेंट ने रोक लगाते हुए राकेश्वर पांडेय की अध्यक्षता वाली यूनियन को ही मान्यता दी थी जबकि महामंत्री के तौर पर शिव लखन सिंह को बनाए रखा गया था. राकेश्वर पांडेय अध्यक्ष और शिवलखन सिंह के महामंत्री पद पर बनाये रखते हुए ही पिछले दिनों मैनेजमेंट ने यूनियन के साथ बोनस समझौता पर हस्ताक्षर किया है. लेकिन शिव लखन सिंह ने 30 अक्टूबर के अपने रिटायरमेंट के ठीक 1 दिन पहले राकेश्वर पांडेय को चुनौती देने के लिए एक बड़ा दांव खेला है. अब सारा खेल मैनेजमेंट की मान्यता पर टिकी हुई है कि मैनेजमेंट यूनियन को मान्यता देती है. (नीचे पढ़े पूरी खबर)
क्या कहते है राकेश्वर पांडेय
टिस्को मजदूर यूनियन एक रजिस्टर्ड यूनियन है, जिसका चुनाव वर्ष 2018 में हुआ था. नवंबर 2018 में इसका चुनाव हुआ था, जिसके तहत तीन साल तक कमेटी रहेगी, जिसकी मान्यता 2021 नवंबर तक है. ऐसे में अभी बीच में कोई कमेटी बना लेना और चुनाव करा लेने की बात कहना सरासर गलत है. वैसे अब तक हमारे पास दस्तावेज नहीं आये है. दस्तावेज आने के बाद ही किसी तरह का कोई कदम उठा सकते है. वैसे हमको लगता है कि यह फर्जी दस्तावेज के आधार पर कदम उठाया गया है, जो जांच का विषय है. (नीचे पढ़े पूरी खबर)
क्या कहते है शिवलखन सिंह
नयी कमेटी बनाने वाले शिवलखन सिंह ने बताया है कि उनकी कमेटी को श्रम विभाग ने मंजूरी दी है. रजिस्टर बी में दर्ज हो चुकी है. इस कमेटी को ही मैनेजमेंट मान्यता देगी, जिसके लिए हमने अपना आवेदन एचआर विभाग को दे दिया है. वैसे यूनियन की जो गतिविधियां होनी चाहिए, वह काम हम लोग शुरू कर चुके है.






