गालूडीह: गालूडीह क्षेत्र के खेतों में अब धान की बालियां फूटने लगी हैं. कई खेतों में बालियों में दाने बनने की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी है. इससे किसानों के चेहरे पर खुशी है. किसान अब अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए हुए हैं. इस वर्ष शुरुआती दौर में बारिश की स्थिति को लेकर किसानों में चिंता थी. बाद में हुई बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी रही, जिससे धान की फसल को फायदा मिला. अब पौधों में बालियां निकलने के बाद किसान फसल की निगरानी में जुट गये हैं.कृषि विज्ञान केंद्र दारिसाई के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान वैज्ञानिक डॉ सीमा सिंह ने बताया कि धान में बालियां निकलने से लेकर दाने भरने तक का समय फसल के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. (नीचे भी पढ़े)
इस दौरान खेत में पर्याप्त नमी रहनी चाहिए, लेकिन पानी लंबे समय तक जमा नहीं रहने देना चाहिए. किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गयी है. उन्होंने किसानों से धान की फसल में तना छेदक, पत्ती लपेटक और अन्य कीटों के प्रकोप पर नजर रखने को कहा है. पौधों में पत्तियों के सूखने, बालियों के सफेद होने या कीट का प्रकोप दिखाई देने पर बिना जानकारी के दवा का छिड़काव करने के बजाय कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेने की बात कही गयी है. किसानों का कहना है कि अभी फसल की स्थिति अच्छी है. यदि आने वाले दिनों में मौसम अनुकूल रहा और रोग-कीट का प्रकोप नहीं बढ़ा, तो इस बार धान की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है. बालियां निकलने के साथ ही अब किसानों की नजर दाने भरने और फसल के पकने पर टिक गयी है.




