जमशेदपुर : साकची थाना क्षेत्र में तैनात एक ट्रैफिक पुलिस कर्मी पर वाहन चालक से डिजिटल माध्यम से अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगा है. सिदगोड़ा के बारा रोड निवासी ट्यूब कंपनी कर्मचारी अरुण कुमार ने मामले को लेकर जमशेदपुर एसएसपी से लिखित शिकायत की है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिस कर्मी की पहचान करने और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. अरुण कुमार के अनुसार, वह बुधवार को अपनी पत्नी के साथ पुराना कोर्ट परिसर में एसआइआर सुधार कार्य के सिलसिले में गए थे. वहां से लौटने के दौरान उनकी गाड़ी अनजाने में साकची के वन-वे, यानी नो-एंट्री मार्ग में चली गई. नियम की जानकारी नहीं होने पर वहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने उनकी गाड़ी रोक ली. (नीचे भी पढ़ें)
आरोप है कि पुलिसकर्मी ने चालान या जुर्माने के नाम पर उनसे 1,000 रुपये नकद मांगे. अरुण ने जब नकद राशि नहीं होने की बात कही तो पुलिसकर्मी ने उन्हें पास में सब्जी बेच रहे एक विक्रेता के पास भेज दिया और उसके यूपीआइ क्यूआर कोड पर 520 रुपये भेजने को कहा. शिकायतकर्ता के मुताबिक, मजबूरी में उन्होंने सब्जी विक्रेता के क्यूआर कोड पर 520 रुपये ट्रांसफर किए. इसके बाद विक्रेता ने 20 रुपये अपना कमीशन काटकर 500 रुपये नकद ट्रैफिक पुलिसकर्मी को दे दिए. (नीचे भी पढ़ें)
अरुण कुमार का आरोप है कि रकम लेने के बावजूद पुलिसकर्मी ने न तो कोई चालान काटा और न ही सरकारी जुर्माने की रसीद दी. उनका कहना है कि दूसरे व्यक्ति के खाते में डिजिटल भुगतान कराकर नकद राशि लेने की इस प्रक्रिया से उन्हें काफी परेशानी हुई. उन्होंने एसएसपी से मामले की जांच कर घटना की सच्चाई सामने लाने और दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिस कर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई किये जाने की मांग की है.




