जमशेदपुर :जुगसलाई स्टेशन रोड स्थित गुरुद्वारा साहिब में आयोजित तीन दिवसीय गुरमत समागम का बुधवार को श्रद्धापूर्वक समापन हुआ. समागम का समापन “धन धन रामदास गुर जिन सिरिआ तिने सवारिआ,”गुरबाणी शबद के गायन के साथ हुआ.इस गुरमत समागम में सचखंड श्री दरबार साहिब, अमृतसर से पहुंचे हजूरी रागी भाई मनिंदर सिंह ने अपने मधुर कीर्तन से संगत को निहाल किया. वहीं, सिख पंथ के महान प्रचारक भाई सरबजीत सिंह ढूंढा ने गुरु रामदास के जीवन, उनकी शिक्षाओं और आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए संगत को गुरु साहिब के दिखाए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया.समागम के दौरान बड़ी संख्या में संगत ने उपस्थित होकर गुरबाणी कीर्तन एवं गुरमत विचारों का लाभ लिया. (नीचे भी पढ़े)

वातावरण पूरी तरह से गुरबाणी और गुरु साहिब की शिक्षाओं से सराबोर रहा.आयोजकों ने कहा कि यह तीन दिवसीय गुरमत समागम किसी एक व्यक्ति या संस्था का नहीं, बल्कि समूची संगत को समर्पित कार्यक्रम था. उन्होंने समागम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाली सभी संगत का कोटि-कोटि धन्यवाद किया और कहा कि संगत ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर इस समागम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. आयोजकों ने विशेष रूप से समागम में सेवा करने वाले सभी सेवादारों, सहयोगियों एवं संगत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु साहिब की कृपा और संगत के सहयोग से ही इस प्रकार के धार्मिक एवं गुरमत कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा सकते हैं.




