चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले के नोवामुंडी में आयरन ओर माइंस के संचालन के लिए लीज नवीकरण के मसले पर शुक्रवार को जनसुनवाई हुई. काफी विरोध के बीच यह जनसुनवाई शुरू हुई. पहले से ही इसके विरोध की घोषणा कांग्रेस की सांसद गीता कोड़ा और उनके पति सह पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने की थी. इसको लेकर पिछले एक माह से माहौल बना हुआ था. इस जनसुनवाई का लोगों ने विरोध शुरू किया. पहले ही दिन विरोध के बीच पूर्व सीएम मधु कोड़ा और सांसद गीता कोड़ा दल बल के साथ वहां पहुंचे. पर्यावरणीय स्वीकृति देने का विरोध भी दर्ज कराया और फिर सुनवाई शुरू हुई. इस दौरान झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की ओर से सुनवाई शुरु हुई. विरोध करने वालों का यह आरोप था कि टाटा स्टील सौ साल से ज्यादा समय से वहां माइंस का संचालन कर रही है, लेकिन अब तक नोवामुंडी या पश्चिम सिंहभूम जिले का विकास नहीं हो पाया. इस हंगामा के बीच ही सुनवाई शुरू की गयी. इसको लेकर भारी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किाय गया था.

सुनवाई के दौरान टाटा स्टील के जीएम 
सुनवाई को संबोधित करते पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और सांसद गीता कोड़ा.
सांसद के साथ जगन्नाथपुर के विधायक सोनाराम सिंकू भी मौजूद थे. इस दौरान मंच से पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि लीज नवीकरण के पहले नोवामुंडी के विकास की रुपरेखा को मंजूरी मिलनी चाहिए. टाटा स्टील को कम से कम दस किलोमीटर के दायरे का विकास करने का संकल्प जो हर बार लिया जाता है, उस विकास को गांव-गांव तक पहुंचाने का ब्लूप्रिंट सौंपे और इसकी मोनिटरिंग भी हो कि गांवों तक विकास पहुंच सके. इस दौरान स्थानीय लोगों को नौकरी देने की भी मांग उठायी गयी. इस दौरान कांग्रेस की सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि टाटा स्टील ने 2012 में हुई जनसुनवाई के दौरान जो भी वादे किये थे, उस जनसुनवाई को अब तक पूरा नहीं किया है, जिसको धरातल पर क्यों नहीं उतारा है, उस पर भी सवाल उठाये गये और जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गयी.

हालांकि, इस दौरान प्रभावित क्षेत्र कदा जामादा के लोगों ने कहा कि टाटा स्टील ग्रामीणों का सहयोग करती रही है. सांसद गीतो काड़ा ने यहां अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम सिंहभूम के खनन वाले इलाकों में सर्वाधिक कुपोषण, लाल पानी से स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल हो चुका है. सांसद ने यहां टाटा स्टील के सीएसआर के नाम पर किये जा रहे धोखेबाजी का उल्लेख भी किया और सीएसआर पर ही सवाल उठाये. इस दौरान सांसद गीता कोड़ा ने लीज नवीकरण का विरोध किया और मांग की कि स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार मिले और स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाये. जनसुनवाई में रैयतधारियों की सुनवाई करने की भी मांग की गयी. सांसद गीता कोड़ा ने लीज नवीकरण का सशर्त समर्थन किया. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा लोकल को रोजगार देने की मांग उठायी और कहा कि मधु कोड़ा ने कभी कोई खदान बन्द नही करवाया है बल्कि लोगो को उसका हक दिलवाता है. इस सुनवाई के दौरान टाटा स्टील के नोवामुंडी माइंस के जीएम एमके अतुल ने रैयतों के सुझाव को अमल में लाकर सीएसआर के तहत एरिया में काम कराने का आश्वासन दिया. इस सुनवाई के दौरान उस वक्त थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी मच गयी थी, जब पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के बॉडीगार्ड बेहोश हो गये. सुनवाई के दौरान प्रदूषण विभाग की इंदू गुप्ता, सुरेश पासवान और मिथलेश झा मौजूद थे.









