
सरायकेला: सरायकेला जिले के गम्हरिया प्रखंड क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, खाद्य आपूर्ति विभाग एवं अंचल कार्यालय के अधिकारियों के मनमानी रवैये के खिलाफ घोषित कार्यक्रम के तहत दुग्धा पंचायत प्रतिनिधि राम हांसदा अपने समर्थकों के साथ गम्हरिया प्रखंड परिसर में बने महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय मौन धरना पर बैठे. जहां इन्होंने सभी 21 पंचायतों में 14वें वित्त आयोग के लिए आवंटित राशि में घोटाला अंचल कार्यालय की लापरवाही से सरकारी जमीनों की हेराफेरी एवं खाद्य आपूर्ति विभाग पर गंभीर आरोप लगाया. वही उन्होंने 7 सूत्री मांगों का एक ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा. बीडीओ ने मांगों की जांच कराए जाने का आश्वासन दिया. जिसके बाद उन्होंने आंदोलन समाप्त कर दिया. इससे पहले राम हांसदा ने मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ लाल बिल्डिंग से पदयात्रा कर गम्हरिया प्रखंड स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मौन धारण शुरू किया. इनका आरोप है कि प्रखंड अंचल में विभागीय पदाधिकारियों के कार्य शिथिलता और लापरवाही के कारण वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन, और मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के आवेदन लंबित है.
जिसके कारण लाभुक कई महीनों से कार्यालय का चक्कर लगाकर परेशान हो गए हैं. इसके साथ ही जाति और आय प्रमाण पत्र के आवेदन भी लंबित है. वही कोविड-19 मद में भी घोटाला का आरोप लगाया है, जिसमें चावल की खरीदारी का स्थान दर्शाए बगैर ही का भुगतान दिखाए जाने के अलावा नॉन पीडीएस खाद्यान्न वितरण में अनियमितता. मई एवं जून माह में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा नॉन पीडीएस दुकानदारों को खाद्यान्न का वितरण नहीं किए जाने के कारण लाभुकों को चावल का वितरण सही मात्रा में नहीं होने और कोरोना काल में निलंबित जन वितरण प्रणाली दुकानदारों पर कार्रवाई में लापरवाही का भी आरोप लगाया. इधर अंचल कार्यालय गम्हरिया में भी व्याप्त भ्रष्टाचार और पदाधिकारियों के कार्य में लापरवाही, वन भूमि और अनाबाद सरकारी भूमि का अतिक्रमण अंचल के विभागीय पदाधिकारी और भू माफियाओं के मिलीभगत से नगर निगम क्षेत्र के मौजा दिंदली, मिरुडीह, बॉस्को नगर, हथियाडीह, शिवनारायणपुर, जगन्नाथपुर, बलरामपुर, कालिकापुर पंचायत के शंकरपुर ग्राम में कई एकड़ वन भूमि एवं सरकारी भूमि तथा आदित्यपुर के दिंदली, आसंगी, बड़ा हरिहरपुर मौजा में सरकारी तालाबों के अतिक्रमण की जांच के अलावा प्रखंड के कई विभागों के पदाधिकारियों का गम्हरिया प्रखंड में पदस्थापन होने के बावजूद पूर्वी सिंहभूम से आवागमन करने की बात कही, जबकि नियमतः मुख्यालय से 8 किलोमीटर पर निवास करना है. फिलहाल प्रखंड विकास पदाधिकारी ठाकुर गौरी शंकर ने इन्हें भरोसा दिलाया कि इनकी मांगों पर विचार करते हुए जांच कराई जाएगी, जिसके बाद उन्होंने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया.







