
आदित्यपुरः गम्हरिया शिवपुरी कॉलोनी विवाद मामले में दूसरे पक्ष सहदेव प्रधान और अजय सिंह ने पड़ोसी हरेराम दुबे, जय गोविंद दुबे परिवार एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यापीठ संस्थान द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दुबे परिवार पर मीडिया और पुलिस को गुमराह करने का आरोप लगाया है. साथ ही एसडीओ के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर किए जाने की बात कही है. उन्होंने बताया, कि उनके मकान के ठीक पीछे दुबे परिवार का गौशाला है और पूरे मकान एवं गौशाला एवं स्कूल के शौचालय का गंदा पानी खाली पड़े भूखंड पर जमा किया जाता है. जिससे उनके घर में बदबू आती है और गंदगी का अंबार लगे होने के कारण महामारी का खतरा बना रहता है. इसको लेकर आदित्यपुर नगर निगम में शिकायत किए जाने एवं वहां से गौशाला को अवैध करार दिए जाने की बात कही. उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. वहीं 2 दिन पूर्व शिक्षक संजय दुबे द्वारा उन्हें बिल्डर बताकर भाजपा नेता किशन दुबे के साथ मिलकर गाली गलौज और जन से मारने की धमकी देने की शिकायत आदित्यपुर थाने में किए जाने के मामले को निराधार और भ्रामक बताया. अजय सिंह ने बताया, कि गंदे पानी के जमाव का विरोध उनके द्वारा किया गया था. जिसके बाद दुबे परिवार के सभी महिला पुरुष और बच्चे मिलकर मेरी बूढ़ी मां और अपाहिज बहन के साथ बदसलूकी करने लगे. पड़ोस में ही रहने वाले भाजपा नेता किशन प्रधान एवं उनके पिता सहदेव प्रधान बीच-बचाव करने पहुंचे. जिसे दुबे परिवार द्वारा दूसरा रंग देकर मामले को तूल दिया जा रहा है. उन्होंने दुबे परिवार पर मीडिया और पुलिस को गुमराह करने का आरोप लगाया उन्होंने बताया, कि दुबे परिवार के गौशाला और शौचालय के गंदे पानी के जमाव के कारण उनके घर के मकान की दीवारें सीपेज करने लगी है घर में गंदा पानी का जमाव होने के कारण रहना मुश्किल हो गया है. मानसिक रूप से सभी तनाव में रह रहे हैं बड़े भाई समीर सिंह की मौत के बाद उनके पिता का हर्ट अटैक से मौत फिर और भाभी की मौत हो चुकी है. जिसके चलते वे एसडीओ कोर्ट में हाजिर नहीं हो सके जिससे एसडीओ कोर्ट द्वारा एकतरफा फैसला सुना दिया गया. वही भाजपा नेता किशन प्रधान के पिता सहदेव प्रधान ने भी दुबे परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों पर सफाई देते हुए अपने पुत्र और खुद को बेगुनाह बताया और कहा जबरन दुबे परिवार द्वारा अजय प्रताप सिंह के घर पर गाली गलौज किया जा रहा था. जिसका बीच बचाव करने वे और उनका पुत्र गए थे. वही ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा लगाए गए आरोपों को भी दोनों ने सिरे से खारिज करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की. स्थानीय पार्षद ममता बेज पर एक तरफा फैसला सुनाए जाने और नगर निगम के निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.कुल मिलाकर इस पूरे मामले में दिन प्रतिदिन विवाद गहराता ही जा रहा है. अगर जल्द ही स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन पहल नहीं करती है, तो निश्चित तौर पर आने वाले दिनों में मामला हिंसक रूप ले सकता है.




