जमशेदपुर : अरका जैन यूनिवर्सिटी के आइबीएम के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बीटेक कार्यक्रम के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तकनीकी प्रतिभा, नवाचार और समस्या समाधान क्षमता का शानदार प्रदर्शन करते हुए आइबीएम द्वारा आयोजित नेशनल हैकथॉन में विजेता का खिताब हासिल किया. तमिलनाडु के कोयम्बटूर स्थित श्री रामकृष्णा कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस में आयोजित इस 12 घंटे के राष्ट्रीय हैकथॉन में देशभर की लगभग 77 संस्थाओं के 320 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया. इस राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी प्रतियोगिता में अरका जैन यूनिवर्सिटी की दो टीमों ने भाग लिया और दोनों ही टीमों ने विजेता का खिताब अपने नाम किया. विश्वविद्यालय की ओर से कुल 8 विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया. विद्यार्थियों को सीमित समय में तकनीकी समस्या को समझते हुए उसके प्रभावी और नवाचारी समाधान विकसित करने की चुनौती दी गई. इस दौरान विद्यार्थियों ने अपने तकनीकी ज्ञान, टीमवर्क, तार्किक सोच, रचनात्मकता और समस्या समाधान क्षमता का प्रदर्शन किया. विश्वविद्यालय की दोनों विजेता टीमों में सोहेल खान, अनुराग महतो, पुरुषोत्तम कुमार, अमन कुमार केशरी, रोहित सिंह, सोनाली महतो, श्याम कुमार सोनी और धीरज महापात्र शामिल रहे. सभी विद्यार्थी आइबीएम के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बीटेक कार्यक्रम के विद्यार्थी हैं. (नीचे भी पढ़ें)
इस उपलब्धि को आइबीएम के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बीटेक कार्यक्रम में मिलने वाले उद्योगोन्मुख शिक्षण और व्यावहारिक प्रशिक्षण के संदर्भ में भी देखा जा सकता है. कार्यक्रम में आइबीएम के विशेषज्ञ केवल अतिथि वक्ताओं के रूप में ही नहीं, बल्कि लेक्चर डिलीवरी प्रोसेस का भी हिस्सा हैं. इससे विद्यार्थियों को विषय से जुड़े उद्योग अनुभव और वास्तविक कार्यक्षेत्र की समझ सीधे विशेषज्ञों से प्राप्त होती है. कार्यक्रम के विद्यार्थियों ने आइबीएम की सुविधा में आइबीएम विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में समर्पित प्रशिक्षण भी पूरा किया है. इस प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें आधुनिक तकनीकों और उनके व्यावहारिक उपयोग को करीब से समझने का अवसर मिला है. इसी कड़ी में विश्वविद्यालय परिसर में आइबीएम सॉफ्टवेयर लैब फॉर इमरजिंग टेक्नॉलॉजी भी कार्यरत है. यह समर्पित प्रयोगशाला विद्यार्थियों को आर्टिफिशियर इंटीलिजेंस, डाटा साइंस, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग तथा अन्य उभरती तकनीकों से संबंधित व्यावहारिक गतिविधियों और परियोजनाओं पर काम करने का अवसर प्रदान करती है. आइबीएम के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बीटेक कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल तकनीकी विषयों की सैद्धांतिक जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक समस्याओं को समझने और तकनीक के माध्यम से उनके समाधान विकसित करने के लिए तैयार करना है. कार्यक्रम में उद्योग आधारित उदाहरणों, परियोजना कार्य, व्यावहारिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने के अवसर मिलते हैं. राष्ट्रीय स्तर के हैकथॉन में मिली सफलता इसी प्रकार के अनुभवात्मक अधिगम का एक उदाहरण है. (नीचे भी पढ़ें)
हैकथॉन जैसी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों को सीमित समय में समस्या को समझना, समाधान की रूपरेखा तैयार करना, उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करना और टीम के साथ मिलकर समाधान प्रस्तुत करना होता है. इससे उनके तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ तार्किक सोच, टीमवर्क और निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित होती है. अरका जैन यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों को वर्षभर तकनीक और नवाचार से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के अवसर प्रदान किए जाते हैं. विश्वविद्यालय का राष्ट्रीय स्तर का हैक होराइजोन हैकेथॉन तथा वार्षिक तकनीकी महोत्सव टेक्निका विद्यार्थियों को कोडिंग, आर्टिफिशियर इंटीलिजेंस, रोबोटिक्स, इमरजिंग टेक्नॉलॉजी व इनोवेशन से जुड़ी गतिविधियों में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं. इसके अतिरिक्त आर्टिफिशियर इंटीलिजेंस और उभरती तकनीकों से संबंधित कार्यशालाएं, सेमिनार और विशेषज्ञ सत्र भी आयोजित किए जाते हैं. इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा के ज्ञान से आगे बढ़कर तकनीक के वास्तविक और व्यावहारिक उपयोग को समझने का अवसर मिलता है. आइबीएम के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बीटेक की विशिष्टता इसके उद्योग से जुड़े शिक्षण वातावरण में है. आइबीएम विशेषज्ञों की लेक्चर डिलीवरी में भागीदारी, आइबीएम की सुविधा में विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में समर्पित प्रशिक्षण और विश्वविद्यालय परिसर में कार्यरत आइबीएम सॉफ्टवेयर लैब फॉर इमरजिंग टेक्नॉलॉजी विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं. इसके साथ ही परियोजना आधारित अध्ययन, व्यावहारिक प्रशिक्षण और तकनीकी गतिविधियां विद्यार्थियों को अपने ज्ञान को वास्तविक समस्याओं पर लागू करने के लिए तैयार करती हैं. इस प्रकार कार्यक्रम आर्टिफिशियर इंटीलिजेंस व डाटा साइंस जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में विद्यार्थियों के लिए सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के बीच एक मजबूत संबंध स्थापित करता है. अरका जैन यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आइबीएम के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बीटेक में प्रवेश जारी है. यह चार वर्षीय कार्यक्रम उन विद्यार्थियों के लिए है जो आर्टिफिशियर इंटीलिजेंस, डाटा साइंस, मशीन लर्निंग, डाटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और अन्य उभरती तकनीकों के क्षेत्र में अध्ययन और करियर की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं. आइबीएम विशेषज्ञों की लेक्चर डिलीवरी में भागीदारी, आइबीएम की सुविधा में समर्पित प्रशिक्षण, आइबीएम सॉफ्टवेयर लैब फॉर इमरजिंग टेक्नॉलॉजी, व्यावहारिक प्रशिक्षण, परियोजना आधारित अध्ययन और उद्योगोन्मुख अधिगम कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं. इच्छुक विद्यार्थी कार्यक्रम एवं प्रवेश संबंधी अधिक जानकारी के लिए अरका जैन यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट arkajainuniversity.ac.in पर जा सकते हैं अथवा प्रवेश हेल्पलाइन: 7371-03-7371 पर संपर्क कर सकते हैं.




