जमशेदपुर : बिहार के बाहुबली सांसद के रुप में जाने जाने वाले आनंद मोहन जमशेदपुर के दौरे पर है. उन्होंने यहां जमशेदपुर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों के सवालों का बेबाकी से जवाब दिया. उन्होंने बताया कि बिहार और झारखंड का बंटवारा हुआ. उस वक्त कहा गया था कि बिहार में सिर्फ आलू, बालू और लालू बच जायेंगे. लेकिन इसके उलट अब बिहार प्रगति के रास्ते पर है और झारखंड पिछड़ गयी है. ऐसा क्यों हुआ, इसका जवाब यहां के सत्ता पर बैठने वाले लोगों को जनता को देना चाहिए. उन्होंने कहा कि बिहार में नयी सरकार सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनी है. अभी उनका काम का आकलन किया जाना चाहिए. (नीचे भी पढ़ें)
काम के आकलन के बाद ही किसी तरह का कोई फैसला लिया जाना चाहिए. उन्होंने आरक्षण की फिर से समीक्षा करने पर दिया और कहा कि आरक्षण जब लाया गया था तब 85 फीसदी सवर्ण राज करते थे. अब तो उलटा हो चुका है. लिहाजा, अब क्रीमीलेयर को अलग कर आरक्षण को लागू किया जाना चाहिए. अब जो व्यक्ति मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री, मंत्री, डीजीपी, पुलिस अफसर बन चुके, उनके परिवार को भी आरक्षण क्यों दिया जाना चाहिए. इसकी फिर से समीक्षा की जानी चाहिए. बाबा भीम राव अंबेडकर भी जब इसको लागू किया गया था, तब भी इसको पुर्नसमीक्षा हर दस साल में करने की बात कही थी. लेकिन आज तक इसको लेकर कोई समीक्षा नहीं हुई और वोट की राजनीति के चक्कर में आरक्षण को लेकर पुराने ढर्रे पर ही सिस्टम चल रहा है.




