
जमशेदपुर : उत्तर भारत के प्रमुख त्यौहार संक्रांति एवं दक्षिण भारत के प्रमुख त्यौहार पोंगल को भारत एकता दिवस के रूप में बड़े पैमाने पर मनाने के साथ देश के रिटेल व्यापार को बड़ी विदेशी ई कॉमर्स कंपनियों एवं कॉर्पोरेट घरानों के चंगुल से आजाद कराने के लिए कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आगामी 14 जनवरी, 2022 से सारे देश में एक ” व्यापार स्वराज्य अभियान ” छेड़ने की घोषणा की है. इस अभियान को 14 जनवरी को एक साथ देश के सभी राज्यों की राजधानियों से शुरू किया जाएगा . इस अभियान के जरिये देश के रिटेल व्यापार के सभी सेक्टरों के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों से स्पष्ट नीतियां लागू करने की मांग की जाएगी. इस बेहद महत्वाकांक्षी अभियान के जरिये देश के राजनीतिक वातावरण में व्यापारियों को एक मजबूत वोट बैंक के रूप में स्थापित करना मुख्य उद्देश्य है. उसके साथ ही सभी सरकारों से रीटेल व्यापार एवं ई कॉमर्स पर एक स्पष्ट नीति बनाने की मांग भी की जाएगी. जिस भी राजनीतिक दल को व्यापारियों का वोट चाहिए, उन्हें व्यापारियों की न केवल तकलीफें सुननी होंगी बल्कि उनका हल भी निकालना होगा. इस अभियान के तहत 14 जनवरी से सभी राज्यों में ” व्यापार स्वराज्य रथ यात्रा ” भी निकाली जाएंगी. (नीचे भी पढ़ें)
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल और राष्ट्रीय सचिव सुरेश सोंथालिया ने बताया की इस अभियान के जरिये देश भर में व्यापारी अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर सभी सरकारों और राजनीतिक दलों को सीधा सन्देश देंगे की यदि अब भी देश के व्यापारियों को नजर अंदाज किया गया तो आगामी चुनावों में व्यापारी भी राजनीतिक नुकसान या लाभ देने में कोई कोताही नहीं बरतेंगे. फैसला सरकारों और राजनीतिक दलों को करना है. (नीचे भी पढ़ें)
देश में लगभग 8 करोड़ से ज्यादा व्यापारी हैं जिनके परिवार में यदि औसतन 3 परिवार के लोग जोड़े जाएं तो 24 करोड़ होते हैं और यदि प्रत्येक व्यापारी औसतन 2 लोगों को भी अपने यहाँ रोजगार देता है तो 16 करोड़ की यह एक अतिरिक्त संख्यां होती है. कैट ने देश के सभी राज्यों के 150 से अधिक प्रमुख व्यापारी नेताओं को विभिन्न राज्यों ” व्यापार स्वराज अभियान ” की अगुवाई करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया है जो इस अभियान को प्रत्येक राज्य के कोने कोने में लेकर जाएंगे और इस अभियान के जरिये व्यापारियों को लामबंद करेंगे. बड़े पैमाने पर देश भर में व्यापार स्वराज्य अभियान कॉन्फ्रेंस आयोजित किया जाएगा. वर्तमान में लोकसभा एवं राज्यसभा के सांसदों, विधानसभाओं के सदस्य, केंद्रीय मंत्रियों, राज्य सरकारों के मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों को ज्ञापन भी दिया जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)
सुरेश सोन्थालिया ने कहा की बेहद अफ़सोस की बात है की देश के ई कॉमर्स व्यापार में बड़ी विदेशी कंपनियां 2016 से अपनी मनमानी कर रही हैं. खुले आम प्रतिबंधित सामान बेच रही हैं और अनेक शिकायतें देने के बाद भी उन पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. देश के रिटेल व्यापार को बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा तोडा मरोड़ा जा रहा है और सभी मूक दर्शक बने बैठे हैं. दूसरी ओर अन्य अनेक कारणों से छोटे व्यापारियों का व्यापार सिमटता जा रहा है, प्रतिदिन व्यापारियों को अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. व्यापार स्वराज्य अभियान के जरिये वो देश भर में अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे और रिटेल व्यापार तथा ई कॉमर्स व्यापार के लिए तुरंत एक स्पष्ट नीति लागू करने तथा जीएसटी के सरलीकरण करने की मांग करेंगे.



